झज्जर। शहर में स्थित पार्कों का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। इसके अलावा शहर में लगी लाइट के रखरखाव का काम भी सही तरीके से नहीं हो रहा है। इसके लिए नगर परिषद ने संबंधित कार्य देखने वालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नगर परिषद को यदि जवाब से संतुष्टि नहीं मिलती है तो टेंडर रद्द करने जैसी प्रक्रिया भी अमल में लाई जा सकती है। नगर परिषद ने शहर के सभी पार्कों के रखरखाव का जिम्मा सामाजिक संस्थाओं को दिया हुआ है। इन संस्थाओं का काम पार्कों की देखरेख करना है, जिसमें पौधों को पानी देना, उसकी कटाई-छंटाई व अन्य काम शामिल हैं। नगर परिषद को कुछ दिनों से शिकायत मिल रही थी कि पार्कों में रखरखाव का काम ठीक से नहीं हो रहा है। आम जनता की शिकायत पर नगर परिषद ने कदम उठाते हुए पार्कों की देखरेख करने वाली सभी एनजीओ को नोटिस जारी कर दिए। इस नोटिस में रखरखाव ठीक न किए जाने का कारण पूछा गया है और इसका जवाब देने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर आगामी कार्रवाई नप करेगा।
स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस ठेकेदार को भी दिया नोटिस
नगर परिषद की तरफ से स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस ठेकेदार को भी नोटिस दिया गया है। लोगों की शिकायत थी कि शहर की खराब लाइटों को ठीक नहीं किया जा रहा। इसके अलावा ठेकेदार के पास बदलने के लिए लाइट नहीं होती। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए नगर परिषद के अधिकारियों ने स्ट्रीट लाइट मेंटनेंस ठेकेदार को भी नोटिस जारी कर दिया है और उसका जवाब मांगा है।
तीन माह से नहीं मिला मानदेय
नगर परिषद की तरफ से पार्कों में काम करने वाले एनजीओ के कर्मियों का मानदेय भी तीन माह से जारी नहीं किया गया है। एनजीओ के तीन माह से बिल रोके हुए हैं। इसके चलते कर्मचारियों को भी काम करने में परेशानी आ रही है।
गलत तरीके से काम रद्द किया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
एक प्रयास संस्था के संचालक संजीत कबलाना ने कहा कि उनके पास मंगलीराम पार्क का जिम्मा है। पार्क की तीन माह में पांच बार पेड़ों की कटाई और अन्य काम करवाए गए हैं। पूरा पार्क साफ-सुथरा है। उसके बावजूद नप की तरफ से नोटिस दिया गया। उन्होंने तुरंत नोटिस का जवाब बनाकर दे दिया था कि अधिकारी मौके का मुआयना करें। उसके बाद कोई जवाब नहीं दिया गया। कुछ लोग उनसे पार्क के रखरखाव का काम लेकर अपने चहेतों को देना चाहते हैं। यदि गलत तरीके से पार्क के रखरखाव का काम लिया गया तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
वर्जन
पार्कों के सही रखरखाव न होने और स्ट्रीट लाइट मेंटनेंस न होने की शिकायतें आई थी। इस पर संबंधित ठेकेदारों व एनजीओ को नोटिस देकर जवाब मांगे गए हैं। जवाब आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। -मनजीत दहिया, एक्सईएन, नगर परिषद, झज्जर