झज्जर। बारिश के साथ ही मच्छर जनित बीमारियाें का खतरा निरंतर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल लेकर जांच भी शुरू कर दी है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 39 सैंपलों की एलाइजा जांच की गई है। हालांकि इनमें एक भी मरीज पॉजिटिव नहीं मिला है। इस साल में में सोमवार तक 4913 स्थानों पर कूलर, गमले व पानी की टंकियों में मच्छर का लारवा मिला है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लारवा मिलने पर मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने परिवहन विभाग से 200 लीटर काला तेल मांगा है। इसे पानी में डालकर डेंगू के लारवा को पनपने से रोका जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में फिलहाल तक एक भी डेंगू पॉजिटिव मरीज नहीं मिल है।जबकि पिछले साल जिले में डेंगू के 109 मरीज मिले थे। विभाग की तरफ से मच्छर के लारवा की जांच के लिए करीब 150 टीमों का गठन किया है और ये टीमें निरंतर सर्वे के कार्य में जुटी हैं। विभाग की तरफ से निजी अस्पतालों को भी कार्ड टेस्ट के आधार पर डेंगू घाेषित न करने की बात कही गई है वहीं सैंपल लेकर एलायजा टेस्ट करवाने के लिए कहा गया है। जबकि कोई भी पॉजिटिव मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को तुरंत प्रभाव से जानकारी देने के लिए कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जगह-जगह भरे पानी में काला तेल डालने के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिख कर डिमांड भेजी है। बसों की सर्विस के बाद निकलने वाला सवा 200 लीटर काला तेल मांगा गया है, ताकि पानी में डालने के बाद मच्छर का लारवा न पनपे।
विभाग ने मंगवाई पांच किट
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू की जांच के लिए फिलहाल पांच किट मंगवाई हैं। जिसके लिए आर्डर कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की तरफ से अब डेंगू की जांच में और अधिक तेजी लाई जाएगी।
- डेंगू बुखार के लक्षण
- तेज बुखार होना, आंखों के पीछे तेज दर्द होना, जी मितलाना या उल्टी होना। मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना, नाक से खून आना या मसूड़ों से खून आना। अत्यधिक थकान, बेचैनी या चिड़चिड़ापन मुख्य लक्षण हैं।
ये बरतें सावधानी
डेंगू के लक्षण दिखाई देते ही चिकित्सक से इलाज लें। घर के आसपास पानी न खड़ा होने दें। पानी खड़ा हो तो उसमें काला या खराब तेल डाल दें। कूलर, गमलों व टंकियों की सफाई करें। ताकि मच्छर का लारवा न फैले।
- वर्जन :
सवास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू की जांच के लिए सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। बहादुरगढ़ में प्रयोगशाला स्थापित की गई है। जहां पर सैंपलों की जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह काबू में है।
- डॉ तीर्थ सिंह बागड़ी, जिला मलेरिया अधिकारी, झज्जर।