बहादुरगढ़। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने सोमवार की सुबह मेट्रो यात्रियों को बड़ा झटका दिया। मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी कर दी गई है। इसका असर लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। मेट्रो के किराए में यह बढ़ोतरी 25 अगस्त से ही लागू हो गई है। मेट्रो की सामान्य लाइनों पर 1 से 4 रुपये और एयरपोर्ट लाइन पर 5 रुपये तक की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी आठ साल बाद की गई है। यात्रियों ने इस वृद्धि को काफी अधिक बताया है। इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा।
मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को उस समय गहरा झटका लगा। जब वह सोमवार की सुबह मेट्रो में सफर करने के लिए स्टेशन पर टिकट खरीदने पहुंचे। डीएमआरसी की ओर से सोमवार को किराए में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया।
नया किराया दूरी के अनुसार तय होगा। इसके तहत अब सबसे कम किराया 11 रुपये होगा। जबकि सबसे अधिक 64 है। पहले सामान्य लाइन पर सबसे कम किराया 10 और सबसे अधिक 60 रुपये था।
डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि 2 किलोमीटर तक की सबसे छोटी यात्रा का किराया 10 से बढ़कर 11 रुपये हो गया है। इसी तरह 2 से 5 किलोमीटर की यात्रा के लिए अब 20 की बजाय 21 रुपये देने होंगे।
वहीं 12 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए 30 से बढ़ाकर 32 कर दिया गया है। 12 से 21 किलोमीटर की लंबी यात्रा के लिए अब 43 देने होंगे, जो पहले 40 थी। 21 से 32 किलोमीटर की यात्रा के लिए 50 के बजाय 54 रुपये खर्च करने होंगे।
32 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए अब किराया 60 से बढ़कर 64 हो गया है। दिल्ली मेट्रो की वेबसाइट के अनुसार, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर संशोधित किराया अब डेस्टिनेशन के आधार पर 11 से 75 तक है। नई दिल्ली से शिवाजी स्टेडियम तक की यात्रा का किराया 21 रुपये है और धौला कुआं तक की यात्रा का किराया 43 है।
8 साल बाद बढ़ा किराया
डीएमआरसी ने साल 2017 में आखिरी बार चौथी किराया निर्धारण समिति की सिफारिश पर मेट्रो के किराया में बढ़ोतरी की थी। प्रतिदिन दिल्ली मेट्रो से औसतन 60 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। हालांकि, 8 अगस्त को दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों को मिलाकर 8,187,674 यात्रियों ने यात्रा की थी जो अब तक एक दिन में सर्वाधिक यात्रा का रिकॉर्ड है। दिल्ली मेट्रो के बढ़े हुए किराए के बावजूद अगर यात्री के पास स्मार्ट कार्ड है तो यात्रा के दौरान अभी भी बढ़े हुए किराये पर 10 फीसदी की छूट मिलती रहेगी।
डीएमआरसी ने किराया बढ़ाने के पीछे बताई यह वजह
कोविड-19 का असर : कोरोना काल में यात्रियों की संख्या बहुत घट गई थी, जिससे आय पर गहरा असर पड़ा।
कर्ज चुकाना : मेट्रो को जापान की एजेंसी से लिया गया कर्ज लौटाना है, जिसकी किश्तें अभी जारी हैं।
पुरानी ट्रेनों की मरम्मत : 15-20 साल पुरानी हो चुकी ट्रेनों की समय-समय पर मरम्मत करनी पड़ती है।
नेटवर्क का रखरखाव : ट्रैक, स्टेशन और मशीनों की देखभाल पर हर साल भारी खर्च होता है।
कर्मचारियों का वेतन : हजारों कर्मचारियों की तनख्वाह भी संचालन लागत में शामिल है।