पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बरसात के बाद होने वाली प्रदेश स्तरीय रैली का न्योता देते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार लोगों की भावनाओं पर खरी नहीं उतर रही। चुनाव में जो वादे भाजपा ने किए थे वह कहीं नजर नहीं आ रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने सोमवार को इलाके में कई धार्मिक व व्यक्तिगत कार्यक्रमों में शिरकत की। जसौरखेड़ी के श्रृंगी देवी मंदिर में माथा टेका। ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर छतरी साहब छुड़ानी धाम में आयोजित समारोह में शिरकत की। बादली के मोहनदास मंदिर में माथा टेका। यहां लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह जहां भी जाते हैं, उन्हें ऐसा अहसास होता है जैसे लोगों का कुछ खो गया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीति में बदलाव भी जरूरी है, ताकि दूसरी पार्टियों की कार्यशैली का पता भी जनता का अच्छी तरह से लग सके। इसी का परिणाम है कि अब जनता पूरी तरह भाजपा से मुंह मोड़ चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जल्द ही हरियाणा में बड़े स्तर पर रैली की जाएगी, जिसमें जनता की भागीदारी ही असली ताकत होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और हुड्डा को आगे बढ़ाने के लिए जनता की हिस्सेदारी अहम है। बरसात के बाद ही रैली का स्थान और समय तय किया जाएगा। मंदिर में लोगों को संबोधित करते हुए हुड्डा ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर विधायक रघुबीर सिंह कादियान, पूर्व विधायक नरेश प्रधान, कुलदीप वत्स और सतीश छनपाड़िया सहित काफी संख्या कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। जसौरखेड़ी के दौरे में बेरी के विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रघुवीर सिंह कादयान, बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून व बहादुरगढ़ नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रवि खत्री भी हुड्डा के साथ थे।
भंडारे का हुआ आयोजन
बादली गांव में हर साल की तरह इस साल भी भंडारे का आयोजन किया गया। बाबा मोहनदास के मंदिर में हुए भंडारे में सभी ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। भंडारे की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में सत्संग का आयोजन किया गया। वहीं, भंडारे के आयोजन से पूर्व हवन का आयोजन भी करवाया गया। जिसमें सैकड़ों भक्तों ने आहुति डाली। इस भंडारे में सिर्फ गांव से ही नहीं बल्कि आसपास लगते दर्जनों गांवों से भी हजारों भक्त पहुंचते हैं। इस मंदिर को लेकर लोगों की मान्यता है कि जो भी व्यक्ति यहां पर अपनी सच्ची श्रद्धा से कुछ भी मांगता है वह उसे जरूर मिलता है। भंडारे से पूर्व हवन यज्ञ किया गया।