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माता के जयकारों से गूंज उठा बेरी

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बेरी। मां भीमेश्वरी देवी के मंदिर में माथा टेकने व मन्नत मांगने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बढ़ गई। अल सुबह दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ देर रात से लाइन में लग जाती है। माता के जयकारे से कस्बे में वातावरण भक्तिमय हो गया।
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बड़ी संख्या में ऐसे भक्तजन भी आ चुके हैं जो दूर-दराज से आकर नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक बेरी में रहकर ही मां भीमेश्वरी की पूजा-अर्चना करते हैं। जिला प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने धर्मशालाओं में रहने की व्यवस्था की है। ये सभी धर्मशालाएं व आश्रम भी मां के भक्तों से भरे हैं। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर का मुख्य मेला सप्तमी और अष्टमी को लगता है। मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुुओं को बैरिकेडिंग से भेजा जाता है। आसपास के सड़क मार्ग वाहनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। केवल पैदल रास्ता होता है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देख प्रशासन ने इंतजाम और पुख्ता कराने शुरू कर दिए हैं। बेरी डीएसपी नरेश कुमार, थाना प्रभारी सुंदर पाल मेले की कमान संभाल रहे हैं। वहीं शहर चौकी प्रभारी अनिल शर्मा नवरात्र के चलते हर रोज सुबह आरती के समय सुरक्षा की कमान संभालते हैं। रविवार को भीड़ ज्यादा होने के कारण डीएसपी नरेश कुमार ने बाहर मंदिर का जायजा लिया। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से कहा गया कि श्रद्धालुओं से विनम्रता से व्यवहार करें। जरूरतमंद बुजुर्गों की मदद जरूर करें।
इंसेट
मुंडन के लिए भी लगी भीड़
बच्चों के मुंडन कराने के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। लोग अपने बच्चों का पहला मुंडन माता के यहां कराते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो जाता है। जीवन में आने वाली परेशानियां पहले ही दूर हो जाती हैं। वहीं नव दंपती भी एक साथ आकर मां भीमेश्वरी का आशीर्वाद लेते हैं। इसके पीछे मान्यता यह है कि मां का आशीर्वाद लेने के बाद दांपत्य जीवन सुखमयी होता है। मां के दर्शन करने के लिए पंजाब, यूपी, हिमाचल व राजस्थान आदि राज्यों से भी श्रद्धालु रविवार को आए। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री जय सिंह अग्रवाल भी सपरिवार माथा टेकने बेरी पहुंचे।
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