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Jhajjar-Bahadurgarh News: हत्या से पहले पिता और भाई से हुआ था जमीन को लेकर झगड़ा

Sun, 26 Oct 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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25jjrp18- औरंगपुर रोड पर खजान के परिवार के खेत व बैठे पशु। संवाद
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झज्जर। गांव कलोई में पिता और भाई की हत्या करने वाले आरोपी बेटे अशोक के घर में लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। खजान के पास पाैने नौ एकड़ जमीन थी, जिसमें से पांच एकड़ का बंटवारा पहले ही तीनों बेटों अनिल, अशोक और संजय के बीच हो चुका था। बाकी पाैने चार एकड़ जमीन जिस पर उनका मकान भी बना था, अभी खजान के नाम पर ही थी। इसी जमीन को लेकर अक्सर पिता और बेटों में झगड़ा होता था। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या से पहले 6 अगस्त को दूसरे बेटे अशोक का पिता खजान और भाई संजय से इसी मुद्दे पर विवाद हुआ था। यही झगड़ा उनकी हत्या का कारण भी बना।
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पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटे अशोक ने पूछताछ में बताया कि उस दिन घर पर कोई नहीं था। झगड़े के दौरान उसने पहले भाई संजय को मारा जो जमीन पर गिर गया। फिर उसने पिता खजान पर हमला कर दिया। बाद में सबूत मिटाने के लिए दोनों शवों को घर के साथ लगते खेत में जलाकर छिपाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस को उसकी यह कहानी पूरी तरह सही नहीं लग रही है। अधिकारियों का मानना है कि अशोक ने अकेले यह वारदात नहीं की होगी। रविवार को उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
सरपंच प्रदीप ने बताया कि खजान के तीनों बेटे अनिल, अशोक और संजय की शादी एक ही परिवार की तीन बहनों से हुई थी। तीनों का परिवार एक ही मकान में अलग-अलग हिस्सों में रहता था। खजान अपने छोटे बेटे संजय के साथ रहता था जबकि बाकी दोनों बेटों के परिवार का खाना-पानी अलग था। उनकी मां की मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी थी। अनिल दूध का कारोबार करता था। अशोक और संजय खेतीबाड़ी देखते थे। उनका एक मकान गांव में भी है। गांव से कई साल पहले आकर खजान ने खेत में मकान बनाया गया था तभी से पूरा परिवार यहीं रहता था। परिवार के बीच यह जमीन विवाद पिछले 7-8 साल से चल रहा था, लेकिन इसे निपटाने के लिए कभी कोई सामाजिक पहल नहीं हुई।
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शिकायतकर्ता एएसआई प्रवीण कुमार ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि कलोई गांव निवासी खजान और उनका बेटा संजय कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्हें यह जानकारी संदेहास्पद लगी, इसलिए उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई। अब उच्चाधिकारी मामले की जांच करेंगे और तय करेंगे कि आगे क्या कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों को बताया सड़क हादसा
हत्या के बाद अशोक ने गांव और रिश्तेदारों में यह झूठ फैला दिया कि खजान और संजय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। किसी तरह की पुलिस रिपोर्ट या पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी नहीं कराई गई। खजान के अन्य परिजन जो कलोई गांव में ही रहते हैं, शनिवार तक यही मानते रहे कि दोनों की मौत हादसे में हुई थी। शनिवार को जब पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

घर पर सन्नाटा, महिलाएं और बच्चे खामोश
शनिवार सुबह करीब 9 बजे जब पुलिस टीम जांच के लिए खजान के घर पहुंची तो घर पर सिर्फ महिलाएं, बच्चे और बड़ा बेटा अनिल मौजूद था। पुलिस ने सभी से अलग-अलग पूछताछ की मगर किसी ने स्पष्ट बयान नहीं दिया। घर के बाहर बंधी भैंसों की देखरेख अब महिलाएं कर रही हैं। पूरे इलाके में इस वारदात के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।

25jjrp18- औरंगपुर रोड पर खजान के परिवार के खेत व बैठे पशु। संवाद

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