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बीडीपीओ की मनमानी, मीटिंग में शामिल न होने और फोन न उठाने पर एसडीएम पहुंचे बीडीपीओ दफ्तर

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बीडीपीओ दीपिका शर्मा से उनके कार्यालय में बातचीत करते एसडीएम हितेंद्र शर्मा। - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बहादुरगढ़ की कार्यशैली इन दिनों खासी चर्चा में है। आरोप है कि वह अपने क्षेत्र के नागरिकों से तो सीधे तरीके से बात करती ही नहीं। एसडीएम और अन्य सरकारी अधिकारियों के फोन भी आसानी से रिसीव नहीं करती। इन्हीं शिकायतों पर संज्ञान लेकर सोमवार को एसडीएम हितेंद्र शर्मा उनके कार्यालय में औचक दस्तक दी। एसडीएम के साथ भी बीडीपीओ का व्यवहार अनुशासित नहीं रहा।
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दरअसल बहादुरगढ़ खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के तौर पर कार्यरत दीपिका शर्मा पिछले काफी समय से प्रशासनिक अधिकारियों की किसी भी बैठक में नहीं पहुंच रही थी और न तो वह जिला उपायुक्त की मीटिंग में पहुंची। बीडीपीओ दीपिका शर्मा पर अधिकारियों के फोन भी रिसीव नहीं करने की बात भी सामने आई है।
इसको लेकर सोमवार को एसडीएम हितेंद्र शर्मा उनके कार्यालय में औचक दस्तक दी। एसडीएम ने काफी देर तक बीडीपीओ दीपिका से बातचीत की। बीडीपीओ दीपिका ने एसडीएम के समक्ष कहा कि उन्हें काम नहीं करना है और फोन में जो नंबर सेव नहीं है वह वे नहीं उठाती। साथ ही बीडीपीओ दीपिका ने नौकरी नहीं करने की बात कहकर इस्तीफा लिखने लग गई। एसडीएम के अनुसार बीडीपीओ स्वतंत्रता दिवस समारोह की बैठक और उपायुक्त की मीटिंग में नहीं पहुंची और न ही लोगों की जन समस्याओं को दूर करने का कोई प्रयास करती हैं। ग्रामीणों ने उनके समक्ष लगातार शिकायत की तो वह बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। वहीं बीडीपीओ दीपिका शर्मा ने एसडीएम के समक्ष कहा कि वो दफ्तर आती हैं और कुछ देर बैठकर चली जाती हैं। बीडीपीओ दफ्तर का काम भी पंचायत अफसर ही संभालते हैं। एसडीएम हितेंद्र शर्मा ने कहा कि बीडीपीओ दीपिका शर्मा से बातचीत में ऐसा लग रहा है कि वे नौकरी करने को तैयार नहीं है, वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त को भेज दी है।
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