बहादुरगढ़। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पेयजल की समस्या खड़ी होने लगी है। गांव बराही में दूषित पेयजल और पानी की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दो दिनों में आधा घंटा पानी की सप्लाई हुई है। वहीं तालाब में भी गंदगी भरी हुई है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को दी है। गांव में आने वाले टैंकर से ग्रामीण 10 रुपये प्रति मटका पानी खरीदने को मजबूर हैं।
गांव निवासी दलजीत छिल्लर ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उपमंडल अभियंता को शिकायत भेजकर तालाब की सफाई, पेयजल जांच और पानी की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि गांव के तालाब की कई वर्षों से सफाई नहीं हुई है। तालाब में गंदगी, घास और पेड़-पौधे उग आए हैं। इससे पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसका असर गांव में होने वाली पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। सप्लाई होने वाला पानी भी साफ नहीं है। यदि उसकी जांच करवाई जाए तो पानी के नमूने अशुद्ध पाए जा सकते हैं। दलजीत छिल्लर ने बताया कि दूषित पानी पीने से उनके परिवार सहित कई ग्रामीण बीमार हो रहे हैं।
गांव में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे गांव में आने वाले टैंकरों के जरिये 10 रुपये प्रति मटका पानी खरीद रहे हैं। ग्रामीण जय सिंह, जगदीश कुमार, सतबीर के अनुसार 48 घंटे बाद केवल आधे घंटे के लिए पानी की सप्लाई की जाती है, जो गांव की जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि तालाब की जल्द सफाई करवाई जाए और पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही पानी सप्लाई का समय बढ़ाकर नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पानी मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वर्जन
बराही गांव में तालाब में गंदगी साफ कराई जाएगी और पेयजल सप्लाई में समय बढ़ाया जाएगा। पेयजल लाइन को चेक कराकर लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाएगा।-अमन मोर, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, बहादुरगढ़।