एसबीआई बैंक के आगे खड़े बुजुर्ग।
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वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्राइवेट व ग्रामीण बैंकों को छोड़कर झज्जर जिले के करीब 130 बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंकों की हड़ताल के चलते करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। बैंकों की एसोसिएशन की तरफ से दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की गई है। एक फरवरी को भी बैंकों की हड़ताल रहेंगी। जबकि दो फरवरी को रविवार का अवकाश रहेगा। लगातार तीन दिन बैंक बंद होने से लोगों की परेशानी और अधिक बढ़ेगी। जिन उपभोक्ताओं के खाते इन 130 शाखाओं में है, वे उपभोक्ता अपने खातों में राशि का आदान-प्रदान नहीं कर पाएंगे। बैंकों की हड़ताल के कारण उपभोक्ता शुक्रवार को भी परेशान रहे। जिला मुख्यालय पर स्थित बैंकों में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के भी खाते है। शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग अपने खातों में राशि आदान प्रदान करने के लिए पहुंचे। लेकिन बैंक बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर वापिस लौटना पड़ा।
नवंबर 2017 से बकाया है वेतन वृद्धि
जिले के 130 बैंकों के करीब 800 कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर चले गए है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि नवंबर 2017 से उनके वृद्धि का बकाया है। लेकिन सरकार की तरफ से उनकी वेतन वृद्धि को लेकर कुछ भी नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर पहले भी कई बार हड़ताल की जा चुकी है। बार-बार हड़ताल करने के बाद भी सरकार उनके बारे में कुछ नहीं सोच रही है। यहीं कारण है कि बार-बार बैंक कर्मचारियों को हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
ये बैंक रहे हड़ताल पर
एसबीआई, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, ओबीसी, सिंडीकेट बैंक, आंध्रा बैंक, देना बैंक, यूको बैंक, विजय बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि बैंकों की झज्जर जिला में करीब 130 शाखाएं है। इन बैंकों के कर्मचारी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए है।