झज्जर। छावनी मोहल्ले से खुफिया एजेंसी की टीम ने किराये पर रह रहे एक बांग्लादेशी को पकड़ा है। वह पिछले कई साल से यहीं पर किराये पर रह रहा था। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। फिलहाल उसके पास कोई कागजात नहीं मिला है।
खुफिया एजेंसियों ने छावनी मोहल्ले में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान छावनी मोहल्ले में एक महिला के घर पर पिछले 20 साल से एक व्यक्ति किराये पर रह रहा था। वह बांग्लादेश का रहने वाला है। वह शहर में शटरिंग और होटलों में वेटर का काम करके गुजारा चला रहा था। इसकी भनक लगते ही खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ की।
पूछताछ में उसने अपना नाम पता बांग्लादेश के जिला बागेहट खुल्ला के गांव हल्दी बुनिया निवासी फकीर आहमत खां बताया। उसने बताया कि वह पिछले 20 साल से झज्जर के छावनी मोहल्ला में किराये के मकान पर रह रहा था। उसके पास से एक की पेड वाला मोबाइल बरामद हुआ है, लेकिन उसमें सिम नहीं था। उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
150 से अधिक पकड़े गए थे बांग्लादेशी
लगभग दो माह पहले खुफिया एजेंसियों ने बादली, झज्जर के ईंट-भट्ठों पर भी सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान वहां से 150 से अधिक बांग्लादेशी पकड़े गए थे। बाद में पुलिस ने इनको एक धर्मशाला में कई दिनों तक रखा था। उसके बाद इनको आगे भेज दिया गया।
किरायेदारों की हो वेरीफिकेशन
सीआईडी के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शहर के लोगों को चाहिए कि वह अपने यहां रहने वाले किरायेदारों की वेरीफिकेशन करवाएं। इसमें नाममात्र की फीस लगती है और संबंधित व्यक्ति की उसके थाने से तीन से चार दिन में वेरीफिकेशन होकर आ जाती है। इससे किसी संदिग्ध व्यक्ति के होने की आशंका कम हो जाती है। सभी लोगों को चाहिए कि वह किरायेदारों का वेरीफिकेशन अवश्य करवाएं। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि आपसे कोई काम के बदले पैसे मांगता है या अन्य कोई मांग करता है तो उसकी सूचना दें।