लाइनपार बूस्टिंग स्टेशन के सामने गांव बामनोली की मुख्य लाइन में खोदे गड्ढे में डस्ट से भरा एक ट्रक धंस गया जिससे ट्रक पलटते-पलटते बचा। यदि यहां पर ट्रक पलटता तो कई राहगीर उसकी चपेट में आ सकते थे।
चश्मदीद गीता, पूनम, समुद्र, अजय, रामकिशन, शकुंतला सहित कई अन्य लोगों ने बताया कि लंबे समय से सड़क के बीचोबीच पेयजल की लाइन लीक है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके बारे में बताया तो उन्होंने ठीक करने के लिए गड्ढा खोदा दिया। मगर इसका सही से लीकेज बंद करने की बजाय आधा-अधूरा कार्य कर गड्ढे को फिर से ढक दिया। जिससे अंदर ही अंदर जमीन में पानी का रिसाव होने से दलदल बन गया।
उन्होंने बताया कि जब भी पानी की सप्लाई इस लीकेज लाइन से होती है तो काफी लीटर पानी व्यर्थ में बहता रहता है। अधिकारियों की ढुलमुल कार्रवाई से यहां हर रोज वाहन गड्ढे में फंस रहे हैं, लेकिन सही से फाल्ट को दूर करने की बजाय अधिकारी व कर्मचारी लीपापोती कर अपने काम की इतिश्री कर रहे हैं। बताया गया है कि जो 12 इंच लाइन लीक है उससे गांव बामनौली में पानी की सप्लाई होती है। लेकिन लीकेज लाइन से लोगों के घरों में पर्याप्त पानी न पहुंचने के कारण उन्हें भी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के चलते सड़क पर चलने वाल लोगों को भी परेशानी झोलनी पड़ती है। यदि इस गड्ढें को समय रहते सुधारा नहीं गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने इसके बारे में प्रशासन से कई बार-बार शिकायत की लेकिन प्रशासन ने लोगों की सुध नहीं ली।
जल्द होगा समाधान
समस्या के समाधान को लेकर कार्य किया जा रहा है। यदि अभी भी पानी का रिसाव हो रहा है तो इसकी जांच करवा उसे पूरी तरह से ठीक करवा दिया जाएगा। अधिकारियों की ओर से कार्य में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही।
- एसके जैन, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रित विभाग।