संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। दिल्ली में जर्जर भवन गिरने से हुई मौतों के बाद बहादुरगढ़ नगर परिषद सक्रिय हो गई है। शहर में संभावित हादसों को रोकने के लिए नगर परिषद ने वार्डवार सर्वे का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य जर्जर भवनों और बेसमेंट निर्माण की पहचान करना है।
नगर परिषद की अध्यक्ष सरोज राठी और सभी 31 पार्षदों से सहयोग मांगा गया है। पार्षदों को सात दिन के भीतर अपने वार्डों में जर्जर भवनों की जानकारी देनी होगी। ईओ संजय रोहिल्ला ने बताया कि बेसमेंट खुदाई वाले स्थानों की भी जानकारी मांगी गई है। इन स्थानों की जांच की जाएगी ताकि निर्माण से आसपास के भवनों को नुकसान न हो।
पार्षदों से जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद की टीम वार्डवार सर्वे करेगी। संबंधित क्षेत्रों में मुनादी भी कराई जाएगी ताकि लोग जर्जर भवनों की जानकारी दे सकें। सर्वे के दौरान हर जर्जर भवन की पहचान कर उसकी स्थिति का आकलन होगा। नगर परिषद का लक्ष्य बारिश और अन्य कारणों से होने वाले हादसों को रोकना है।
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खतरनाक भवन मालिकों को नोटिस जारी होंगे
सर्वे में खतरनाक पाए जाने वाले भवनों के मालिकों को नियमानुसार नोटिस जारी होंगे। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संजय रोहिल्ला ने बताया कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलेगा। पार्षदों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षा और जागरूकता का उद्देश्य
नगर परिषद का मुख्य उद्देश्य जर्जर भवनों के गिरने से होने वाले हादसों को रोकना है। बेसमेंट निर्माण से आसपास के भवनों को होने वाले संभावित नुकसान को भी रोका जाएगा। यह अभियान गंभीरता से चलाया जाएगा ताकि समय रहते खतरों को टाला जा सके। लोगों को अपने आसपास के जर्जर भवनों की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।