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जेल में बंद रोहित उर्फ रेस्को समेत 10 से अधिक पर केस

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गांव आसौदा में शनिवार की देर शाम मौत के घाट उतारे गए धर्मेंद्र का शव रविवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। धर्मेंद्र की हत्या दो गुटों में चल रही पुरानी रंजिश के चलते की गई। हमलावर काले शीशे वाली कार में सवार होकर आए थे। इस संबंध में रोहित उर्फ रेस्को समेत 10 से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस की पांच टीम मामले की जांच कर रही हैं।
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ये है मामला
गांव आसौदा निवासी करीब 45 वर्षीय धर्मेंद्र शनिवार की देर शाम गांव के जलघर में मौजूद था। इसी दौरान काले शीशे वाली एक कार में सवार अज्ञात हमलावर वहां आए और चारपाई पर लौटे धर्मेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। छह गोलियां लगने से धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। रविवार दोपहर पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। धर्मेंद्र जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार के अधीन बतौर की मैन कार्यरत था और दो बच्चों का पिता था। हमलावर कौन थे ये तो स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन परिजनों की शिकायत पर इस संबंध में रोहित उर्फ रेस्को सहित 10 से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
इस वजह से की गई हत्या
गांव के दो गुटों के बीच चल रही पुरानी रंजिश को धर्मेंद्र की हत्या की वजह बताया जा रहा है। दरअसल, गांव के रोहित व विकास गुट के बीच पिछले करीब चार साल से रंजिश चल रही है। वर्ष 2014 में दो नाबालिगों के बीच हुए झगड़े के चलते यह रंजिश शुरू हुई, जो अब खूनी संघर्ष का रूप ले चुकी है। इस रंजिश में दोनों पक्षों से एक-एक मौत हो चुकी है। लगातार हमलों का दौर जारी है। धर्मेंद्र भी इसी रंजिश का शिकार हुआ, वह विकास के परिवार से था। धर्मेंद्र की हत्या का शक जेल में बंद रोहित उर्फ रेस्को व उसके साथियों पर है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पांच टीमें लगी जांच में
आसौदा पुलिस थाने के प्रभारी बीर सिंह ने कहा कि परिजनों के बयान पर रोहित समेत अन्य कुछ लोगों पर केस दर्ज किया गया है। दोनों सीआईए, एसटीएफ व थाने की दो टीमें मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। जल्द ही हमलावरों को काबू कर यह वारदात सुलझा ली जाएगी।
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