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सुलोधा बच्ची मर्डर केस : मां और ताऊ का हुआ नारको टेस्ट

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घटना के बाद विलाप करते हुए मृतका की मां। फाइल फोटो - फोटो : Jhjhar
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सुलोधा गांव में हुए रिश्तों के खून की बड़ी वारदात की गुत्थी अभी उलझी हुई है। जुलाई 2019 में हुई इस वारदात में पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पा रही है, इसलिए पुलिस ने सच सामने लाने के लिए नारको टेस्ट का सहारा लिया है।
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पुलिस ने मृतका बच्ची की मां व का नारको टेस्ट करवाया है। पुलिस ने दोनों का यह टेस्ट गुजरात से करवाया है, जिसकी रिपोर्ट करीब 20 दिन बाद पुलिस को मिलेगी। पुलिस विभाग ने इस टेस्ट के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की फीस लैब को दी है। इतना ही नहीं करीब दो माह के इंतजार के बाद लैब से झज्जर पुलिस को इस टेस्ट के लिए समय मिला है।
अब पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी
नारको टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर अगर सही आरोपी की पहचान में दिक्कत आती है तो परिवार के पांच लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जाएगा। जिसके लिए 20 अप्रैल 2020 तक वेटिंग चल रही है। इसमें मृतका की मां लक्ष्मी के द्वारा पति, जेठ व सास-ससुर पर आरोप लगाए गए थे। जिसमें से ससुर की जांच के दौरान ही मौत हो चुकी है। वहीं बाकी के तीन लोगों व खुद शिकायतकर्ता का टेस्ट करवाया जाएगा।
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ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
सुलोधा गांव निवासी महिला लक्ष्मी ने सदर थाना में पहुंच कर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी डेढ़ वर्षीय बच्ची की हत्या कर परिवारजनों ने शव को दफना दिया। सदर थाना पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह की मौजूदगी में बच्ची का शव जमीन से निकलवाया। डॉक्टरों के बोर्ड के द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया था। महिला का आरोप है कि वह बच्ची को घर छोड़कर कूड़ा डालने के लिए गई थी, लेकिन जब वह लौटी तो उसकी मौत हो चुकी थी। उसके परिवारजनों ने बच्ची की हत्या कर शव गांव के श्मशान में दफना दिया।
घर पर थे मां और बच्ची का ताऊ
पुलिस जांच में अब तक यह सामने आया है कि घटना के समय मृतक बच्ची का ताऊ छत पर था। वहीं मृतका की मां आंगन में थी। मृतक बच्ची का पिता खेत में गया हुआ था। हालांकि मामले की हकीकत नारको व पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद ही सामने आएगी। मामला परिवार से जुड़ा होने के कारण काफी पेंच फंसे हुए हैं, जो कि टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर सुलझाए जाएंगे।
सुलोधा केस में बच्ची की मां व ताऊ का नारको टेस्ट करवाया गया है। वहीं परिवार के लोगों का पॉलीग्रॉफ टेस्ट भी करवाया जाना है। जिसके लिए लैब से समय लिया गया है। लैब में वेटिंग के चलते 20 अप्रैल को विभाग के द्वारा यह टेस्ट करवाया जाएगा। टेस्ट के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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- राजेश कुमार, एसएचओ, सदर थाना झज्जर।
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