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Jhajjar-Bahadurgarh News: आयुर्वेदिक पद्धति का रामायण काल में भी बोलबाला था

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जटेला धाम में 225 बेड के अस्पताल की नींव रखते साधू-संत समाज के लोग।
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बेरी।गांव माजरा डी में स्थित तपोभूमि जटेला धाम में स्वामी नितानंद महाराज का 225 वें निर्वाण दिवस में 225 बेड के अस्पताल की नींव रखी गई। इस उपलक्ष्य में देश के कोने-कोने से विभिन्न संप्रदायों के साधु संत पहुंचे।
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जटेला धाम के महंत राजेंद्र दास ने सभी को भक्ति का महत्व बताया। स्वामी नितानंद महाराज के 225 वें निर्वाण दिवस पर माजरा- बांस, (अचिना) मार्ग में स्थित 225 बेड के अस्पताल की आधारशिला हवन-यज्ञ गायत्री मंत्रोच्चारण के साथ स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज (राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष) महंत कृष्ण नाथ महाराज (कपूरी की पहाड़ी) तपोभूमि जटेला धाम माजरा दुबलधन के पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास, ओमप्रकाश ने रखी।

इस अवसर पर गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति का रामायण काल में भी बड़ा बोलबाला था। मूर्छित लक्ष्मण का इलाज भी संजीवनी बूटी से इसी पट्टी द्वारा हुआ था। वैदिक वर्ग में आयुर्वेदिक चिकित्सा शास्त्र से भरा पड़ा है। इस संस्थान में आयुर्वेदिक पद्धति के साथ मेडिकल के नवाचार को भी चिकित्सा शैली में अपनाया जाएगा। यह मानव के कल्याण के लिए बड़ा मंगलदाई साबित होगा। जटेला धाम के पीठाधीश्वर महेंद्र राजेंद्र दास ने कहा कि दुखी पीडि़तों की दुर्दशा को देखकर आयुष्मान शिक्षा संस्थान खोलने का निर्णय लिया है। इस धाम के नवनिर्माण में डॉ. जय सिंह मलिक के योगदान को बुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक पद्धति इलाज की लोक पद्धति है, जिसे आम आदमी अपने आप को स्वस्थ रख सकता है।
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आर्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी संपूर्ण आनंद महाराज ने कहा कि सेवा इंसान को भगवान बनाती है। इस अवसर पर दानवीरों ने अस्पताल के निर्माण के लिए दिल खोलकर दान दिया। इस अवसर पर साध संगत ने अमर पवित्र जाल वृक्ष तथा स्वामी नितानंद महाराज की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर अपने परिवार कि सुख शांति के लिए पूजा अर्चना की।

यह लोग रहे मौजूद
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में स्वामी रामेश्वरानंद नंद महाराज, स्वामी प्रकाश आनंद महाराज, स्वामी रामानंद महाराज, महामंडलेश्वर परमानंद महाराज, स्वामी मंगलानंद महाराज, स्वामी मेल पुरी महाराज, स्वामी कालिदास महाराज, स्वामी बलवीर दास महाराज, कमल सागर छुड़ानी धाम, संजय ब्रह्मचारी महाराज, स्वामी नितानद सेवा समिति उपस्थित रहे।
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