फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुर्वेदिक चिकित्सक पर रिश्वत लेने का आरोप

Wed, 04 Nov 2015 01:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
विज्ञापन
विज्ञापन
 सिविल अस्पताल में उपचाराधीन लकवाग्रस्त मरीज व उसकी पत्नी ने आयुर्वेदिक चिकित्सक पर 16 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लेेेेगाया है।
विज्ञापन




 वहीं चिकित्सक का कहना है कि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी उससे रंजिश रखे हुए हैं। उन्होंने इस मरीज को भड़काया है। बहरहाल शिकायत की जांच सीएमओ कर रहे हैं। गांव सेहलंगा का रहने वाला मरीज जो पांच साल पहले सड़क हादसे का शिकार हो गया था। इसके बाद उसके पैरों में लकवा लग गया था। इसी का उपचार वह करवा रहे हैं। सेहलंगा निवासी कशिश ने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को दी शिकायत में बताया कि वह अपने पति नवीन का उपचार कर रही है।  आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ज्योति ने उनसे उपचार के नाम पर 10 हजार रुपये एक मुश्त तथा 2-2 हजार रुपये तीन बार लिए। कशिश ने बताया कि डॉ. ने उन्हें इसकी कोई रशीद भी नहीं दी। चिकित्सक ने चार महीने तक उपचार करने की बात कही थी, मगर एक सप्ताह में ही उसके पति को अस्पताल से छुट्टी दे दी। इस शिकायत के आधार पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने डॉ. ज्योति को नोटिस जारी कर दिया। उसके बाद मामला सीएमओ डॉ. श्रीराम सिवाच के पास पहुंच गया।

वहीं दूसरी ओर चिकित्सक डॉ. ज्योति का कहना है कि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी उनसे रंजिश रखे हुए हैं। डॉ. ज्योति ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह तक नवीन का सही तरीके से उपचार किया है। हर रोज ढाई से तीन घंटे लगातार नवीन पर खर्च किए जा रहे थे। अब मौसम बदलने के कारण उसे एक सप्ताह तक आराम की सलाह दी गई थी, ताकि अब तक किए उपचार की प्रोग्रेस के बारे में पता चल सके। डॉ. ज्योति ने बताया कि नवीन को एक सप्ताह के बाद फिर से उपचार के लिए बुलाया गया था, मगर छुट्टी दिए जाने के तीन दिन बाद ही नवीन व कशिश ने सिविल अस्पताल में पहुंच कर यह ड्रामा रच दिया। डॉ. ज्योति ने बताया कि दिन में नवीन व कशिश अपने कुछ साथियों के साथ उनके पास आए थे। आते ही बदतमीजी करनी शुरू कर दी तथा उन्हें धक्के भी मारे। उनके पास मौजूद अन्य मरीजों ने फोन कर पुलिस को सिविल अस्पताल में बुलाया।
विज्ञापन


घटना के बाद सिविल अस्पताल से गायब हुए डीएओ
जैसे ही सिविल अस्पताल में विवाद हुआ तो जिला आयुर्वेदिक जसबीर अहलावत सिविल अस्पताल से गायब हो गए। मामले की जांच जब सीएमओ डॉ. श्रीराम सिवाच के पास पहुंची तो उन्होंने भी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से संपर्क करना चाहा, मगर हो नहीं पाया। वहीं डॉ. ज्योति का कहना है कि डॉ. जसबीर अहलावत ने ही पूरा ड्रामा रचा हुआ था, इसी कारण वे विवाद होने ही सिविल अस्पताल से गायब हो गए।
विज्ञापन


वर्जन:::::
डॉ. ज्योति बहुत ही सुलझी हुई एवं साफ छवि की चिकित्सक हैं। उनके खिलाफ आज तक कोई शिकायत नहीं आई है। ऐसे में उनके खिलाफ यह शिकायत बेबुनियाद लग रही है। इसके बावजूद भी मामले की जांच की जा रही है। मामले की पूरी जांच की जाएगी। जिसका भी इस मामले में दोष होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. श्रीराम सिवाच, सीएमओ , सिविल अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें