ट्रैक्टर चढ़ाकर मौत के आगोश में धकेलने के प्रयास में एक आरोपी को स्थानीय अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और दो लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। मामला साल्हावास थानांतर्गत गांव मुंडाहेड़ा का है। अदालत ने इस मामले में यहां के राजेंद्र को दोषी माना है। घटना जुलाई 2015 की है।
जानकारी अनुसार राजेंद्र का अपने ही भाई परमानंद से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस झगड़े के दौरान राजेंद्र ने अपने भाई परमानंद की बुरी तरह से पिटाई की। घटना के समय राजेंद्र ने अपना ट्रैक्टर भी बीच सड़क पर खड़ा किया हुआ था। पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार दोनों भाईयों के झगड़े के दौरान ही वहां पर अपनी कार लेकर गांव मेघोत बिंगा जिला महेंद्रगढ़ निवासी देवेंद्र पुत्र सतबीर भी वहां पर आ गया। पहले तो देवेंद्र ने राजेंद्र से उसके भाई परमानंद के साथ झगड़े का कारण पूछा और बाद में बीच-बचाव कर अपना ट्रैक्टर सड़क से हटाने के लिए कहा। लेकिन राजेंद्र आवेश में आ गया और उसने उसी समय अपना ट्रैक्टर चालू कर अपने भाई परमानंद और देवेंद्र पर चढ़ा दिया। ट्रैक्टर की चपेट में आने से परमानंद और देवेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए।
बाद में साल्हावास थाने में पीड़ितों के बयान पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। इसी मामले में झज्जर जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लाल सिंह की अदालत ने आरोपी को मामले का दोषी करार देते हुए दस साल की व दो लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।