26jjrp01- लघु सचिवालय स्थित अटल श्रमिक कैंटीन में खाना तैयार करती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
स्थायी रोजगार मिलने से भदानी गांव की महिलाएं हो रहीं सशक्त
झज्जर। भदानी गांव की जय माता दी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लघु सचिवालय में अटल श्रमिक कैंटीन में काम घर खुद सशक्त बन रही हैं। इसके साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं।
भदानी गांव के जय माता दी स्वयं सहायता समूह की मंजू ने बताया कि पहले आमदनी का जरिया केवल घर पर पशु पालने तक ही सीमित था। उन्होंने काफी समय से स्वयं सहायता समूह बना रखा था लेकिन स्थायी आजीविका और रोजगार नहीं मिल पा रहा था। इसके लिए काफी प्रयास भी कर रहे थे लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी फिर लघु सचिवालय में अटल श्रमिक कैंटीन खुलवाने के लिए ग्रुप ने पूरी मेहनत से काम किया।
पहले दादरी तोए स्थित कैंटीन में जाकर प्रशिक्षण लिया। इसके बाद जनवरी में लघु सचिवालय में अटल श्रमिक कैंटीन की शुरुआत होने के बाद काम शुरू कर दिया। दो माह में ही उनकी कैंटीन प्रसिद्ध हो गई है। यहां अब प्रतिदिन 200 से 250 टोकन काटे जाते हैं और लोगों को 10 रुपये में थाली परोसी जाती है।
सरकार की तरफ से भी सब्सिडी मिलती है। कैंटीन में कुल सात महिलाएं काम करती हैं जिनको अब स्थायी रोजगार मिल गया है। अब हर महिला लगभग हर माह आठ से दस हजार रुपये आसानी से कमा लेती है। इससे परिवार का सहारा भी बन गई है और आजीविका का केंद्र भी बन गया है।
पति का सहारा बनीं अनीता
मंजू ने बताया कि उनकी समूह की सदस्य अनीता के पति बीमार रहते हैं और वह काम नहीं कर पाते। ऐसे में अनीता का घर का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया था। जब से कैंटीन खुली तो अनीता अपने स्थायी आजीविका लेने लगी है और अपने घर व परिवार का सहारा बनी है।
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