बहादुरगढ़। गांव बामनोली में वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय की एनएसएस इकाई की ओर से चलाए जा रहे सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन शुरुआत विभिन्न प्रकार की ड्रिल, योग व मेडिटेशन के साथ की गई। कॉलेज की ओर से गोद लिए गांव में हरिजन चौपाल में स्वयंसेविकाओं ने श्रमदान किया।
इस दौरान मेहंदी प्रतियोगिता में अस्तुति व तनू ने पहला, तनुजा व तनुष्का ने दूसरा और अमोदिनी भटनागर व पूजा दहिया ने तीसरा स्थान हासिल किया। मंगलवार की शाम एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शिविर के दौरान चंद्रभान चैरिटेबल ट्रस्ट बहादुरगढ़ से चंद्रपाल ने स्वयंसेविकाओं को स्वदेशी अपनाओ का संदेश दिया।
समाजसेवी व लीगल लिटरेसी सेल के सदस्य सत्येंद्र दहिया ने अपने व्याख्यान में कहा कि स्वदेशी आंदोलन भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के सफलतम आंदोलनों के रूप में स्थापित हो गया। समाजसेवी सत्येंद्र दहिया, चंद्रपाल व डॉ. अन्नू शर्मा ने रैली को झंडी दिखाकर गांव बामनोली में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए रवाना किया। स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीणों में अपने देश की वस्तुओं के प्रयोग करने के लिए जागरूक किया। प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि स्वदेशी उत्पाद वह हैं जो भारत में ही निर्मित होते हैं।
साथ ही दिल्ली से आई बिजनेस काउंसलर कौशल्या चौहान ने स्वयंसेविकाओं को स्टार्टअप आइडिया दिए। 12 महीने चलने वाला बिजनेस फोटोग्राफी, ग्राफिक डिजाइनिंग, ट्यूटोरिंग, ब्यूटी पार्लर का बिजनेस, सूखे मेवे का बिजनेस, बेकरी का बिजनेस, किराने की शॉप, सब्जी बेचना, मोबाइल शॉप, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्लॉगिंग आदि हैं। इलेक्ट्रो एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट ममता ने स्वयंसेविकाओं को कैंसर, सेनेटरी पैड और स्वच्छता के बारे में प्रशिक्षण देते हुए बताया कि लड़कियों में प्रजनन के समय संक्रमण को लेकर जागरूकता व पीरियड्स के दौरान स्वच्छता बहुत जरूरी है। शिविर का आयोजन एनएसएस प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. अन्नू शर्मा की देखरेख में किया जा रहा है और टीम सदस्य सुनीता रानी, खुशबु बंसल, नीतू जैन शिविर में मौजूद रही।