विजिलेंस झज्जर की टीम ने बादली चौकी में तैनात उप निरीक्षक बलवान सिंह को एक युवक से रिश्वत के तौर पर 1500 रुपये लेते हुए पकड़ा। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया। शुक्रवार को उसे बहादुरगढ़ न्यायालय में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस निरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि गांव बाढ़सा के एक प्राइमरी स्कूल में कुछ दिनों पहले मिड-डे मिल का राशन व अन्य कुछ सामान चोरी हो गया था। इसमें अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। यहां के निवासी पवन ने शिकायत दी थी कि उप निरीक्षक बलवान सिंह उसे बेवजह तंग करता था और जांच के नाम पर बुलाकर उससे पैसे की डिमांड कर रहा था।
यही नहीं न देने पर केस बनाने की बात कह रहा है। बृहस्पतिवार को पवन बादली चौकी पहुंचा। जैसे ही उसने पुलिस अधिकारी को उक्त रुपये थमाये तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट झज्जर के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने उसको मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि दिसंबर माह में बाढ़सा के प्राइमरी स्कूल से कुछ खाने-पीने व अन्य सामान को चुरा लिया गया था। इसकी जांच बलवान सिंह कर रहे थे। इसी मामले में रुपये लेने के आरोप में उन्हें पकड़ा गया है।
उपनिरीक्षक बलवान सिंह का कहना है कि उन्होंने कोई रुपये की डिमांड नहीं की, बल्कि उसे एक साजिश के तहत फंसाया गया है।
राडार पर भ्रष्टाचारी
पिछले कई दिनों में बहादुरगढ़ उपमंडल में लोगों से रिश्वत लेने के आरोप में चार अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इनमें से खाद्य आपूर्ति विभाग के एएफएसओ सतबीर सिंह को जनवरी माह में गुड़गांव विजिलेंस ने रेलवे स्टेशन से पकड़ा था, जबकि महिला निरीक्षक के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
वह पकड़ से बाहर है। इसी माह सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर राकेश को पोस्टमार्टम के एवज में पांच हजार रुपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहीं अब पुलिस अधिकारी के पकड़े जाने के बाद भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।