बहादुरगढ़। शहर में अति व्यस्त रहने वाले चौक चौराहों और अन्य सड़कों पर ऑटो चालकों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। कहीं भी ऑटो चालक बीच में रोककर सवारी भरना इनकी आदत में शुमार हो गया है।
इससे सड़कों पर हादसे होने की आशंका बनी रहती है। जहां सवारी दिखी नहीं कि ऑटो चालक ब्रेक लगा देते हैं और पीछे से आने वाले वाहन से हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। इनकी मनमानी यही नहीं रुकती बल्कि सड़कों पर मनमाने तरीके से आटो और ई-रिक्शा खड़ा करते हैं। इससे न केवल वाहन चालकों बल्कि पैदल राहगीरों को भी आवागमन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बहादुरगढ़ शहर में ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या चार हजार से अधिक है। यह ऑटो-ई-रिक्शा, लाइनपार, बामनोली, कानोंदा, कुलासी, रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड, मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-6, झज्जर रोड, आईटीआई, सेक्टर-2, सेक्टर-9, बालौर मोड़, नजफगढ़ मोड़, सांखोल, कसार, जाखौदा के अलावा एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16, 17, आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र पार्ट-ए व बी के अलावा लाइनपार के विभिन्न स्थानों के लिए चलते हैं। शहर में नाहरा-नाहरी मोड़, रेलवे रोड मोड़, के अलावा बहादुरगढ़ सिटी मेट्रो स्टेशन के नीचे से सवारियां भरते हैं।
शहर के मॉडल टाउन निवासी दीपक मलिक, नई बस्ती निवासी नीरज शर्मा, काठ मंडी निवासी मनोज कुमार, अग्रवाल कॉलोनी निवासी सतवीर सिंह ने बताया कि ऑटो चालकों की मनमानी सड़क पर इतनी बढ़ गई है कि वे सड़क के बीचों-बीच चलते-चलते अचानक ब्रेक लगा देते हैं। नीरज शर्मा ने बताया कि बुधवार को दोपहर के समय वह सांखोल गांव से दिल्ली की तरफ अपनी कार से जा रहे थे।
जैसे ही वह झज्जर मोड़ के सामने पहुंचे तो ऑटो चालक ने अचानक से बीच में ही सवारी भरने के लिए ब्रेक लगा दिए। गनीमत यह रही कि ऑटो में उनकी कार की टक्कर नहीं हुई। जब उन्होंने ऑटो चालक से इस तरह ब्रेक लगाने पर एतराज जताया तो ऑटो चालक उनके साथ झगड़ने लगा। पुलिस अधिकारियों को ऑटो चालक की मनमानी रोकनी चाहिए।