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आंदोलकारियों के लिए दिल खोलकर मदद कर रहे कलाकर

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नया बस अड्डा बहादुरगढ़ परिसर में किसानों के पड़ाव में अपने टेंट से बाहर निकलते कंवर ग्रेवाल और हर - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। किसान आंदोलन के 45वें दिन शनिवार को कई पंजाबी कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी टीकरी बार्डर-बहादुरगढ़ पहुंचे। इन कलाकारों ने न केवल किसानों का मनोरंजन किया बल्कि आंदोलनकारियों की दिल खोलकर मदद भी आरंभ कर दी। बारह सौ से अधिक लोगों के लिए शैल्टर का इंतजाम इन कलाकारों ने करवाया है।
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प्रसिद्ध गायक कलाकार कंवर ग्रेवाल, हर्फ चीमा, हरभजन मान, बॉलीवुड स्टार राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर, नूर चहल, जस बाजवा, गुरप्रीत सैनी, स्वरा भास्कर, गुर शब्द कूलर, रवि शेर गिल और जैन्सी बैंस ने करीब एक हजार आंदोलनकारियों को ठहराने के लिए यहां इंतजाम किया है। इन सभी कलाकारों ने टीकरी बार्डर पर सभा के मंच पर उपस्थित होकर किसानों को समर्थन किया। कलाकारों के मदारा म्यूजिकल समूह ने किसानों का मनोरंजन किया। टीकरी बार्डर पर किसानों को संबोधित करते हुए कंवर ग्रेवाल ने कहा कि किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कोरोना लाक डाउन के दौरान जब सब कुछ बंद हो गया था, तब देश की अर्थ व्यवस्था को खेती ने ही संभाला था। अगर सरकार की किसी तरह की नीतियों की वजह से किसान कमजोर हुआ तो देश कमजोर हो जाएगा। सरकार को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए कि खेती की कमर टूटे। जब किसान इन तीनों कृषि कानूनों चाहते ही नहीं तो सरकार को जिद नहीं करनी चाहिए और न केवल तीनों कानून वापस करने चाहिए, बल्कि किसानों की उपज का हमेशा न्यूनतम समर्थन मूल्य देना सुनिश्चित करने के लिए कानून बना देना चाहिए।
कंवर ग्रेवाल, सोनिया मान, हर्फ चीमा और उनके अन्य साथी कलाकार किसान आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उन्होंने आंदोलनकारियों के लिए कई बड़े टेंट लगाए हैं। इन टेटों में गद्दे, कंबल और भोजन आदि की उचित व्यवस्था की है। हर्फ चीमा ने कहा कि हम किसान के बेटे हैं। इसलिए किसानों के कष्ट नहीं देख सकते। हम किसानों को तन-मन-धन हर तरह से सहयोग करने को तैयार हैं।
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