आर्मी चीफ के पिता को रैली में जाने से रोका
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बेरी में रविवार को संपन्न हुई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की विकास रैली में जहां कांग्रेस शासन की तरह मंच पर भाजपा के ही छोटे-बड़े पदाधिकारियों ने कुर्सियों पर अपना कब्जा जमा लिया था, वहीं आर्मी चीफ के पिता को न्योता होने के बावजूद मंच स्थल पर जाने वाले वीआईपी गेट पर अंदर जाने में काफी जद्दोजहद का सामना करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वीआईपी गेट पर ही रोक लिया और काफी देर तक पूछताछ करने और वहां मौजूद मीडिया के कुछ लोगों द्वारा उनका परिचय कराए जाने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया।
आर्मी चीफ दलबीर सुहाग बेरी के ही बिसान गांव से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता रामफल को इस विकास रैली में शिरकत करने के लिए प्रशासन की तरफ से बाकायदा न्योता भेजा गया था, लेकिन जब आर्मी चीफ के पिता रामफल वीआईपी गेट से मंच स्थल पर जाने लगे तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया।
एक बार तो आर्मी चीफ के पिता रामफल अपने साथ हुए इस व्यवहार से क्षुब्ध होकर वापस जाने लगे थे, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों और मीडिया के कुछ लोगों ने जब सुरक्षाकर्मियों के साथ आर्मी चीफ के पिता को अंदर जाने देने के लिए बहस की तो उसके बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो वीआईपी गेट पर आर्मी चीफ को करीब सात मिनट रोके रखा गया।
आर्मी चीफ के पिता को वीआईपी गेट पर रोके जाने मामला मेरे संज्ञान में नहीं है और रैली में जिन गणमान्य लोगों को निमंत्रण दिया जाता है, उनकी पुुलिस प्रशासन को लिस्ट दी जाती है और हो सकता है कि आर्मी चीफ के पिता सूबेदार रामफल का नाम उस में ना हो या फिर निमंत्रण बाद में दिया गया हो।
जश्नदीप रंधावा, एसपी झज्जर