बेरी में घने कोहरे में जाते हुए बाइक सवार।
बहादुरगढ़। मौसम परिवर्तन के साथ ही एक्यूआई 424 पहुंच गया। हवा में प्रदूषण स्तर बढ़ने के चलते खुले में सांस लेना खतरनाक हो गया है। शनिवार को सीएक्यूएम (कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) की ओर से ग्रेप थ्री की पाबंदियां लागू कर दी गई।
रविवार को सुबह 8 बजे एक्यूआई 440 पर दर्ज किया गया था। जबकि शाम होते-होते यह कुछ देर हवा चलने के बाद 424 पर पहुंचा। यह बेहद गंभीर श्रेणी है। दो-तीन दिनों से बढ़े प्रदूषण के बाद लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश की शिकायतें हो रही हैं। अब शहरवासियों को सांस लेना भी दूभर होने लगा है। क्षेत्र में सुबह से शाम तक स्मॉग की चादर छाई रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिनों तक इसमें कमी आने की संभावना नहीं है।
प्रदूषण से अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं
बहादुरगढ़ में स्मॉग की चादर एक बार फिर छा गई है। रविवार को प्रदूषण की वजह से विजिबिलिटी भी काफी कम रही। लोगों को सिर दर्द, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, थकान जैसी शिकायतें हो रही हैं। खास बात यह है कि अभी प्रदूषण का स्तर कम होने वाला नहीं है। राहत के लिए कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार अभी कुछ दिन प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में बना रहेगा। दिन भर स्मॉग छाए रहने की वजह से रविवार को सूर्य देव भी अपने तेज के साथ नहीं चमके। धूप हल्की रही। इससे लोगों को ठंड का भी एहसास हुआ।
हवाओं की गति धीमी होने से बढ़ा प्रदूषण
दो-तीन दिनों से हवाओं की गति धीमी पड़ रही है। इसकी वजह से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि रविवार की सुबह 8 बजे प्रदूषण 440 पर पहुंचा था, लेकिन दोपहर बाद चली हवाओं के बाद यह कुछ अंक लुढ़ककर शाम 5 बजकर 5 मिनट पर 424 पर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारियों ने 25 दिसंबर को इसमें हल्का सुधार होने की संभावना जताई है, लेकिन इससे ज्यादा राहत नहीं मिलेगी। 26 दिसंबर को यह फिर बेहद खराब स्थिति में रह सकता है। 27 दिसंबर से प्रदूषण एक बार फिर बढ़ने लगेगा। रविवार को हवाएं महज 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। 25 दिसंबर को इनकी गति 4 से 8 किलोमीटर की हो सकती है।