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सड़क पर पड़े मिले प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन फार्म

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बहादुरगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने पर सब्सिडी हासिल करने के लिए नगर परिषद ऑफिस परिसर में योजना के कार्यालय में जमा कराए गए काफी लोगों के आवेदन-पत्र बराही रोड पर पड़े मिले। नगर पार्षद मोनिका कपूर राठी ने कहा कि आवेदकों को सहायतानुदान तो मिला नहीं, ऊपर सेे उनके फार्म इस तरह फेंककर उनके साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है।
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मोनिका कपूर राठी नेे मंगलवार को अपने बयान में कहा कि नगर परिषद से जहां एक ओर शातिर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लगभग 88 लाख 68 हजार रुपये खाते से गायब कर दिए गए, वहीं दूसरी ओर इस योजना के फार्म बराही रोड पर पड़े मिलना अपने आप में आवेदकों के साथ भद्दा मजाक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बहादुरगढ़ नगर परिषद के अधीन रहने वाले ऐसे लोगों से फार्म मांगे गए थे जिन लोगों के पास स्वयं का घर नहीं है। उस वक्त भाजपा सरकार ने बड़ा जोर शोर से प्रचार किया था कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को घर मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के दिन हालात ये हैं कि एक ओर तो बहादुरगढ़ नगर परिषद कार्यालय में जमा होने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसों को बैंक से गायब कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद में जनता द्वारा जमा कराए गए फार्म सड़कों पर पड़े मिलते हैं। नगर परिषद ने बहादुरगढ़ की गरीब और जरूरतमंद जनता के आशियाने के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।
इस बारे में नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का काम नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं है। इस योजना के दस्तावेज संभालना भी परिषद का दायित्व नहीं है। सड़क पर दस्तावेज मिलने का मामला उनके संज्ञान में भी नहीं आया है। सड़क पर किसी को मिले दस्तावेज कितने महत्व के हैं और कितने नहीं, यह भी नहीं पता। इसके बावजूद अगर परिषद का कोई दायित्व हुआ तो मामले की जांच कराई जाएगी।
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