-फोटो 53 : लोगों को संबोधित करते पूर्व कृषि मंत्री औमप्रकाश धनखड़। स्रोत सूचना विभाग
बहादुरगढ़। पंडित दीन दयाल उपाध्याय एक विचार धारा का नाम है, एक व्यवहार के प्रतीक का नाम है, मानव कल्याण की सोच का नाम है, संस्कृति के आधार पर राष्ट्र को मजबूती से आगे बढ़ाने का नाम है। उनकी अंत्योदय की ऐसी विचारधारा जो सबसे अंत में, उसको सबसे पहले। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने सेवा पखवाड़े के अंतर्गत पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष्य में बहादुरगढ़ में आयोजित जिलास्तरीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यवक्ता कही।
धनखड़ ने कहा कि पूंजीवाद और साम्यवाद का दौर अब नहीं रहा। मानव कल्याण के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय एकात्म मानव दर्शन देश दुनिया के विकास का मार्ग है। एकात्म दर्शन के केंद्र में व्यक्ति, व्यक्ति से परिवार, परिवार से समाज, समाज से राष्ट्र, राष्ट्र से विश्व और फिर अनंत ब्रह्माण्ड के कल्याण का मार्ग है। धनखड़ ने कहा कि मोदी सरकार के सेवाकाल में देश के नागरिकों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है।
यह सब मोदी सरकार द्वारा एकात्म दर्शन की नीतियों को अंत्योदय की भावना से बनाकर और उनको प्रभावी ढंग से लागू करने से हो रहा है। हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ पहले अंत्योदय परिवारों को देने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार की नीति यही है कि पहले उसको दो जो सबसे पीछे हैं। यह एकात्म दर्शन की नीति है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हो कर 2 अक्तूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़े के अंतर्गत देश भर में विभिन्न प्रकार के सेवा के कार्य के रहे हैं। सतीश खोला चेयरमैन पीपीपी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए आह्वान किया कि पंडित दीनदयाल के सपनों को साकार करने के लिए कार्यकर्ता हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष विकास बाल्मिकी, सेवा पखवाड़ा संयोजक दिनेश कौशिक, संजय कबलाना, नप चेयरपर्सन सरोज राठी, दयाकिशन छिल्लर, राजपाल जांगडा, महेश कुमार, दिनेश शेखावत मौजूद रहे।