झज्जर। प्रदेश में किराये की बिल्डिंगों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र अब सरकारी बिल्डिंगों में शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं।
निर्देशों में सभी किराये पर चल रहे केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट कर उसकी रिपोर्ट 20 अप्रैल तक देने को कहा है। प्रदेश में लगभग 25 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें लगभग 10 हजार खुद की बिल्डिंग में चल रहे हैं जबकि लगभग 15 हजार किराये या फिर अन्य सरकारी बिल्डिंगों में चल रहे हैं।
लगभग 3800 ग्रामीण और 2 हजार शहरी क्षेत्रों में किराये की बिल्डिंगों में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। अब किराये पर चल रहे सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाना है।
शिफ्ट करने के बाद उसकी जानकारी पोषण ट्रेकर पर भी अपडेट की जानी है। बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 2026-27 के अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की गई थी।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर 19 लाख से अधिक पात्र
प्रदेश में 25 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं जहां पर लगभग 22,949 आंगनबाड़ी वर्कर कार्यरत हैं। इसके अलावा 19 लाख 17 हजार के करीब पात्र जुड़े हैं। इसमें 0 से 6 माह के पात्रों की संख्या लगभग 1,34,479 है। 6 माह से तीन साल के बच्चों की संख्या 6,90,525 व 3 से 6 साल तक के बच्चों की संख्या 8,28,298 है। गर्भवती महिलाओं की संख्या 1,21,173, दूध पिलाने वाली महिलाओं की संख्या 1,32,813 और किशोरियां की संख्या लगभग 9,841 है।