बहादुरगढ़। शहर में साल दर साल आवारा कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वर्ष 2021 से 2025 के आंकड़ों को अनुसार कुत्ते के काटने वालों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर परिषद की ओर से शहर में 3 हजार आवारा कुत्तों का बाधियाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 36 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
सबसे ज्यादा कुत्ते के काटने के केस वर्ष 2025 में सामने आए हैं। जुलाई माह तक कुत्ते के काटने की संख्या 12 हजार 257 हो चुकी है। जबकि पांच वर्षों में सबसे कम आंकड़ा वर्ष 2021 में रहा और कुल 2 हजार 433 केस सामने आए थे। सिविल अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में 42 हजार 458 केस कुत्ते के काटने के सामने आए हैं।
नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि आवारा कुत्तों का बधियाकरण कराने का अभियान पूरी तरह मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुत्तों की बढ़ती संख्या शहरवासियों के लिए खतरा बन रही है।
प्रत्येक कुत्ते की नसबंदी पर 1189 रुपये खर्च होंगे। यह जिम्मेदारी जींद स्थित नैन एजेंसी को सौंपी गई है। टेंडर शर्तों के अनुसार एजेंसी को वेटनरी डॉक्टर, दवाओं की उपलब्धता, कुत्तों को पकड़ने और उनकी देखभाल की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
सरोज राठी ने बताया कि कार्य शुरू करने से पहले एजेंसी को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। वहीं, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की ओर से एक ऑर्गन काउंटिंग व मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएगी जिसमें पब्लिक हेल्थ विभाग और दो वेटनरी डॉक्टर शामिल रहेंगे। यह कमेटी पूरे अभियान की निगरानी करेगी।
कुत्ते के काटने पर लगते हैं 4 से 5 रेबीज इंजेक्शन
कुत्ते के काटने पर चार से पांच रेबीज इंजेक्शन लगाए जाते हैं। यह एक महीने में अलग-अलग दिनों में लगवाए जाते हैं। पहले 24 घंटे में पहला इंजेक्शन लगता है और इसके बाद तीसरे, सातवें, 14वें और 28वें दिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
सिविल अस्पताल में कुत्तों के काटने के केसों की संख्या
वर्ष
कुत्ते के काटने की संख्या
2021
2433
2022
6050
2023
9404
2024
13314
2025 जुलाई तक 12257
कुल
42458