-फोटो 59 : दुकान में खरीदारी साड़ी की खरीदारी करती महिला। संवाद
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बहादुरगढ़। त्यौहारी सीजन में करवाचौथ व सहालग की खरीदारी से कपड़ा बाजार में रौनक है। डिजाइनिंग में फिर से पुराना फैशन लौटने लगा है। कारोबारी बताते हैं कि दो दशक बाद फिर से एंब्रॉयडरी, जरी दरदोजी के हाथ के काम वाले कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। 2500 से ऊपर की कीमत के कपड़ों पर 18 फीसदी जीएसटी बढ़ने का भी असर है।
कारोबारियों का कहना है कि अभी सिर्फ करवाचौथ की खरीदारी शुरू हुई है जबकि कुछ लोग सहालग की खरीदारी के लिए आ रहे हैं। नाहरा-नाहरी रोड पर साड़ी के शोरूम संचालक भारत भूषण ने बताया कि करवाचौथ पर्व 10 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसको लेकर बाजार में खरीदारी शुरू हो गई है। महिलाएं साड़ी खरीद रही हैं। वहीं कुछ लोग शादी की खरीदारी भी करने के लिए आ रहे हैं।
सूट पर आगे और पीछे एंब्रायडरी के काम को पसंद किया जा रहा है। इस बार लहंगों के चलन में कमी आई है, क्योंकि महिलाएं करवाचौथ और शादी-समारोह के लिए लहंगे खरीद करती थी, जो अब साड़ियों पर शिफ्ट हो रही हैं। नजफगढ़ रोड पर रेडीमेड कपड़ों के शोरूम संचालक विवेक कुमार बताते हैं कि पुरुषों में जापानी फैब्रिक चल रहा है। एथनिक में जोधपुरी सूट, शेरवानी पसंद की जा रही है।
कैजुअल विअर में लूज फिट और लाइट वेट के कपड़े पसंद किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में लोगों ने वजन बढ़ने पर लूज फिटिंग व बेलबॉटम पैंटों को तरजीह दी है। लूज फिट कपड़े बॉडी का स्ट्रक्चर बिल्कुल सीधा दिखाते हैं। वहीं, आरामदायक होने की वजह से लोग लाइक्रा फैब्रिक व स्ट्रेचबेल फैबिक्र पसंद कर रहे हैं।
साड़ियां बनीं पहली पसंद
महिलाओं की खरीदारी में इस साल साड़ियों की बहार है क्योंकि सरकार ने साड़ियों की जीएसटी पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, 2500 रुपये के ऊपर के कपड़ों पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। महिलाएं हल्के दामों वाली डिजाइनर साड़ियां पसंद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि दो दशक पहले वाला दौर फिर से लौट आया है। महिलाएं बंधे और सिल्क की साड़ियां पसंद कर रही हैं। बाजार मेें 600 रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक की सिल्क की साड़ियां हैं। वहीं 15 हजार तक बंधेज की साड़ियां हैं। इसके अलावा नहरिया और चुनरी की साड़ी समेत लाइट वेट लहंगे पसंद किए जा रहे हैं।