बहादुरगढ़। कर्मचारी संगठनों द्वारा बुधवार को आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में कितना असर होगा ये तो बुधवार शाम तक ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन इस हड़ताल को लेकर कर्मचारी संगठनों और सरकार में जरूर ठनी हुई है। कर्मचारी हड़ताल को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं तो सरकार हड़ताल को नाकामयाब करने के लिए सख्ती बरत रही है। उधर, हरियाणा राज्य परिवहन के कर्मचारियों में गुटबाजी के स्वर सुनाई दे रहे हैं।
तीन दिन पहले तक हालांकि सरकार के कई विभागों में हड़ताल के पूरी तरह सफल होने की संभावना नजर आ रही थी, लेकिन मंगलवार को एकाध विभाग में तस्वीर कुछ धुंधली नजर आई। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल सफल हो जाए तो जनता को सबसे ज्यादा परेशानी होती है और अगर रोडवेज की बसें बंद हो जाएं तो समग्र कर्मचारी हड़ताल करीब सफल मानी जाती है।
मगर रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर एकमत नहीं दिखाई दिए। सर्व कर्मचारी संघ और हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबद्ध रोडवेज कर्मचारी यूनियन जहां हड़ताल के लिए आमादा दिखी, वहीं भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध यूनियन ने कहा कि वह हड़ताल में शामिल नहीं होगी। बीएमएस यूनियन के प्रधान कुलदीप ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक ढंग से विचार कर रही है। इसलिए फिलहाल सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समय मिलना चाहिए। जबकि एसकेएस की यूनियन के प्रधान भगवान सिंह राठी ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह सफल रहेगी।
-एचएसईबी वर्कर यूनियन
हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबद्ध एचएसईबी वर्कर्ज यूनियन ने दावा किया कि बुधवार की हड़ताल के दौरान एक भी कर्मचारी ड्यूूटी पर नजर नहीं आएगा। यूनियन ने यूएचबीवीएन ऑफिस परिसर में बैठक की और हड़ताल को सफल बनाने के लिए योजना बनाई।
यूनियन के प्रांतीय उप-प्रधान नरेंद्र बेनीवाल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर उनकी यूनियन हड़ताल में शामिल होगी। इस मीटिंग में यूनियन के सर्कल सचिव जयकंवर छिकारा भी मौजूद रहे। कई दूसरे विभागों में भी कर्मचारियों में हड़ताल के लिए सक्रियता नजर आई। स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ के रुख को देखते हुए भी लगा कि सिविल हॉस्पिटल व इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह जनस्वास्थ्य विभाग और लोकसंपर्क विभाग में भी हड़ताल रहने की संभावना नजर आई।
सरकार की सख्ती भी
कर्मचारी हड़ताल को विफल करने के लिए राज्य सरकार ने भी कई कदम उठाए हैं। शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त टीसी गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि शिक्षा विभाग के मिनिस्टेरियल स्टाफ में से कोई भी कर्मचारी बुधवार को गैर हाजिर रहा तो उसका एक दिन का वेतन काट लिया जाएगा। राज्य के मौलिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर बताया है कि अधिकतर जिलों में कुक और सहायक हड़ताल पर जा सकते हैं। इसलिए बुधवार को बच्चों का मिड-डे-मील तैयार करने को भोजन बनाने वालों की वैकल्पिक व्यवस्था करें।