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स्वर्ण जयंती समारोह पर रखी जा सकती है हिसार एयरपोर्ट की आधारशिला

Fri, 22 Jul 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हिसार
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airport - फोटो : Demo
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प्रदेश सरकार की ओर से स्वर्ण जयंती समारोह में हिसार इंटरनेशनल एयरपोर्ट का एलान हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसकी आधारशिला रखवाई जा सकती है। पहले फेज में आरसीएस तथा एफबीओ पर भी फोकस किया जाएगा। एमआरओ, कार्गो को दूसरे या तीसरे फेज में शुरू करने की योजना है। इसके लिए 15 अगस्त से 15 अक्तूबर तक टेक्निकल प्रोसेस पूरी की जाएगी।
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एवियेशन हब की संभावनाओं की तलाश के लिए एक टॉस्क फोर्स की मीटिंग उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव महावीर सिंह की अध्यक्षता में हुई। सिविल एवियेशन से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि जैनेस जनार्धन, मनी जेम्स, प्रतीक दीवान, गोकुल रामामूर्ति, सुभाष चंदेरा, सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता, सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह, कैप्टन शैलेंद्र हुड्डा, कैप्टन राजेश, जीजेयू के प्रोफेसर एनके बिश्नोई शामिल हुए। करीब तीन घंटे की मीटिंग के बाद इस टीम ने हिसार एयरोड्रम पर पहुंचकर आधारभूत ढांचा के लिए मुआयना किया। पहले फेज में फिक्स्ड बेस ऑपरेटर तथा रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम शुरू होगी।

हिसार इंटीग्रेटिड एवियेशन हब
इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए फ्रॉस्ट एंड सूलेवेन कंपनी ने प्राथमिक रिपोर्ट का प्रेजेंटशन दिया। हिसार इंटीग्रेटिड एवियेशन हब रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में एयरोड्रम की उपलब्ध हवाई पट्टी को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। एनएच 65 की ओर हवाई पट्टी की लंबाई 12 हजार मीटर तक करने का प्रस्ताव है।
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पहले रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम
रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए इस साल भी कार्य आरंभ किए जाएं तो संभवत: 6 वर्ष लगेंगे। पहले चरण में वर्तमान एयरोड्रम की हवाई पट्टी की लंबाई के आधार पर इसे रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के साथ जोड़ने की तैयारी है।

दिल्ली, चंडीगढ़ की बजाए मुंबई, बंगलूरू, कोलकाता की फ्लाइट
सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को टाइम बाउंड करते हुए इसके अनुसार प्रोसेस शुरू की जाए। हिसार से दिल्ली, चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट चलाने से अधिक फायदा नहीं होगा। यहां से मुंबई, कोलकाता तथा बंगलूरू के लिए फ्लाइट शुरू की जाएं।

एमआरओ से आएंगे हजारों करोड़
वर्तमान में देश में करीब 5 हजार करोड़ रुपये का एमआरओ का कारोबार है। जिसका 90 प्रतिशत हिस्सा देश से बाहर जाता है। 2025 तक यह कारोबार करीब तीस हजार करोड़ रुपये का हो जाएगा। 2020 में पायलेट की मांग तीन गुना होगी। इंजीनियर्स, क्रू मेंबर्स तथा ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ की मांग भी बढे़गी।

नवंबर तक हो सकता है शिलान्यास
अगले सप्ताह तक प्रधान सचिव को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से वर्तमान रन वे की पीसीएन कन्फर्म कराएंगे। 15 अगस्त तक एएआई तथा मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एवियेशन से वर्तमान में रन वे पर क्लीयरेंस देंगे। 15 अक्तूबर तक आधारभूत ढांचे और टर्मिनल बिल्डिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर एंड रेस्क्यू स्टेशन को अपग्रेड करने की अनुमति लेकर काम शुरू करेंगे। पीडब्ल्यूडी तथा एचआईडीसी की ओर से काम किया जाएगा।

एवियेशन हब में यह होगा
इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एयरक्राफ्ट पार्किंग, एएंडडी मैन्युफेक्चरिंग, यूनिवर्सिटी एंड ट्रेनिंग, रेेजीडेंसियल एंड कॉमर्शियल, मेंटेनेंस रिपेयिरिंग एंड ओवरहालिंग यूनिट व कार्गो।
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