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कृषि मंत्री ने अनाज मंडी में सुनीं किसानों और आढ़तियों की समस्याएं

Sun, 16 Oct 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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ओपी धनखड़ - फोटो : bureau
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कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने रविवार को शहर की अनाज मंडी का दौरा किया और किसानों और व्यापारियों से रू-ब-रू हुए। मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति और नीयत किसान हितैषी हैं। किसानों के हित में उनके उत्पाद को मार्केट में उचित मूल्य दिलवाने के लिए बाजरा, मूंग, सूरजमुखी और धान की 1509 किस्म की पहली बार सरकारी खरीद शुरू करवाई है।
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मंत्री ने शहर की अनाज मंडी में सुविधाओं का जायजा लेते हुए कहा कि मंडी में किसानों और व्यापारियों को और सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले भी किसानों का एक-एक दाना खरीदा है और आगे भी किसानों का मंडी पहुंचा एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पांच करोड़ टन धान की पैदावार होने की संभावना है। अभी तक सरकार ने मंडियों में पहुंचे तीन करोड़ टन धान की खरीद कर ली है।

वहीं प्रदेश में इस वर्ष प्रदेश में बाजरे की भी बंपर पैदावार हुई है। लगभग सात लाख क्विंटल बाजरे की पैदावार का अनुमान है। प्रदेश सरकार किसानों का बाजरा खरीद रही है, परेशानी यह है कि कुछ लोग दूसरे प्रदेशों से सस्ता बाजरा लाकर, यहां की मंडियों में बेच रहे हैं, उनकी रोकथाम के लिए बाजरे की खरीद के लिए नियम बनाए गए हैं। प्रदेश सरकार इस बात के लिए कृत संकल्प है कि किसानों को कोई भी परेशानी न आए।
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22 प्रतिशत तक नमी का धान खरीदने के आदेश जारी
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनके उत्पाद के उचित दाम मिले। प्रदेश का किसान मेहनती है और देश को अन्न के मामले आत्मनिर्भर बनाया है। किसानों को जीरो प्रतिशत की ब्याज दर कृषि ऋण दिया जा रहा है।

जो किसान समय पर लोन की वापसी करता है, उसका चार प्रतिशत ब्याज सरकार अदा कर रही है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बाद हरियाणा ऐसा राज्य है, जहां किसानों को जीरो प्रतिशत की ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में 17 प्रतिशत की नमी वाला धान खरीदा जा रहा है, प्रदेश की मंडियों में सरकार ने किसानों की मांग मानते हुए 22 प्रतिशत तक नमी का धान खरीदने के आदेश जारी किए हैं।

यह प्रदेश सरकार की किसान हितैषी सोच का परिणाम है। कृषि मंत्री ने मंडी में मौजूद किसानों और आढ़तियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत समस्याओं के निदान के आदेश दिए। इस दौरान एसडीएम प्रदीप कौशिक, डीएफएससी अशोक शर्मा सहित अन्य संबधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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