पिछले दिनों दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर पर हुए कातिलाना हमले के विरोध में मंगलवार को बेरी की कुम्हारों वाली धर्मशाला में तंवर समर्थकों ने बैठक कर रोष जाहिर किया। तंवर समर्थकों ने बेरी में जलूस निकालकर तंवर के समर्थन में नारेबाजी भी की।
हालांकि तंवर समर्थकों ने बैठक और जुलूस निकालने के दौरान किसी के खिलाफ नारेबाजी तो नहीं की, लेकिन इशारों में उन्होंने इस हमले के लिए अपरोक्ष रूप से पूर्व सीएम हुड्डा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि सुरक्षा गार्ड की जिम्मेवारी नेताओं की सुरक्षा करने की होती है न कि अपने नेताओं पर हमला करने की, लेकिन पूर्व सीएम की सुरक्षा में ही लगे सुरक्षा कर्मचारी ने जिस प्रकार से तंवर पर हमला किया है, वह असहनीय और बर्दाश्त करने के काबिल नहीं है।
तंवर समर्थक प्रदेश कांग्रेस के महासचिव कुलताज सिंह के नेतृत्व में पहले कुछ लोग बेरी की कुम्हारों वाली धर्मशाला में एकत्रित हुए। उन्होंने यहां हुई बैठक में तंवर पर हुए हमले को एक तरह से साजिश करार दिया और कहा कि जिस प्रकार से डॉ. अशोक तंवर और उनके समर्थकों पर लाठियां भांजी गई हैं, उससे साफ पता चलता है कि यह मामला एक गहरी साजिश का हिस्सा है। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव कुलताज सिंह ने कहा कि 50 साल पहले भी प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा को अंधेरे में रखकर उन्हें सत्ता से हटाकर विरोधी होने का प्रमाण दिया गया था।
अब यह एक तरह से दोबारा से प्रयास हुआ है। जब डॉ. तंवर के विरोधियों को इस बात का अहसास होने लगा कि आने वाला समय तंवर का है और वह एक तरह से सीएम की कुर्सी के काफी नजदीक जा पहुंचे हैं तो उन पर हमला करा दिया गया। कुलताज सिंह ने कांग्रेस हाईकमान से अनुरोध किया कि वह इस मामले की निष्पक्ष ढंग से जांच कराए और तंवर पर हमले के लिए जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि भविष्य में तंवर पर यदि इस प्रकार से फिर से हमला करने की कोशिश होती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर कांग्रेस सचिव निरंजन डीघल, ज्ञान सिंह, राजबीर पलड़ा, सतबीर, हरविलास धौड़, जोशी माजरा, सतपाल बेरी, रमेश भागलपुरी, कप्तान चिमनी, मनीष दूबलधन, आनंद मदाना, कर्ण मदाना, संजय बेरी, अंकित, जोगेंद्र तंवर, महेश शर्मा, जयभगवान अहलावत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।