बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान कल सोमवार को कॉरपोरेट विरोधी दिवस मनाएंगे। टीकरी बॉर्डर और नयागांव चौक के निकट होने वाली किसानों की दोनों सभाओं में कॉरपोरेट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी, प्रदर्शन किए जाएंगे और गोष्ठियां होंगी। वहीं टीकरी बॉर्डर के पड़ाव में आंदोलन को
संयुक्त किसान मोर्चा ने 15 मार्च को कॉरपोरेट विरोधी दिवस मनाने की घोषणा की है। इस घोषणा को सफल बनाने के लिए टीकरी बॉर्डर धरना कमेटी और भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) ने इस दिन बड़ी संख्या में किसानों को इकट्ठे करके कॉरपोरेट के खिलाफ आवाज उठाने की योजना बनाई है।
किसान नेता परमजीत सिंह ने बताया कि दोनों सभाओं में इस विषय पर गूढ़ ज्ञान रखने वाले वक्ता बोलेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कई रेलवे स्टेशनों, कई रेलगाडिय़ों और काफी माल गाड़ियों को निजी हाथों में सौंप दिया है। इससे देश के लाखों रेल कर्मचारी भी सरकार की कॉरपोरेट व्यवस्था के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए केंद्रीय श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर रेल रोको अभियान चलाया जाएगा और हर उपमंडल मुख्यालय पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में बार-बार बढ़ोतरी के खिलाफ उप मंडल अधिकारियों (ना.) को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
कॉरपोरेट व्यवस्था के खिलाफ किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में कई जगह गोष्ठियां भी होंगी। पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन के पास अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन के पंडाल में और सेक्टर-9 के साथ पेट्रोल पंप के निकट बठिंडा के युवा किसानों की लायब्रेरी में भी कॉरपोरेट व्यवस्था के खिलाफ विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। किसान खेत मजदूर संगठन की गोष्ठी में जयकरण मांडोठी, सतीश कुमार और सत्यवान समेत कई लोग अपने विचार व्यक्त करेंगे। जयकरण ने बताया कि जबकि 19 मार्च को मंडियों में विरोध प्रदर्शन होगा। शनिवार को भी टीकरी बॉर्डर पर पंजाब व हरियाणा के कई जिलों से काफी किसान पहुंचे।