बहादुरगढ़। रोहतक जिले के कई गांवों से पहुंचे किसानों ने बुधवार को टीकरी बॉर्डर पड़ाव में जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। बॉर्डर पर हुई सभा में किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार आंदोलन को तोड़ने के लिए चाहे जितनी साजिशें कर ले लेकिन आंदोलन उतना ही मजबूत होगा।
मोरखेड़ी, समचाना, कंसाला आदि गांवों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से टीकरी बॉर्डर पहुंचे और पिलर नंबर 786 एआईकेकेएमएस के कैंप ऑफिस से सभा स्थल तक एक शानदार जुलूस निकाला। कृषि कानून रद्द करो, किसान मजदूर एकता जिंदाबाद, कॉर्पोरेट समर्थक बीजेपी सरकार मुर्दाबाद, डीजल के दाम आधे करो, नारे लगाते हुए सभा स्थल पर पहुंचे। जुलूस में रामकिशन, सतीश कुमार, संजीवन, शिव प्रसाद मौर्य, मंगल सिंह, सीताराम अधिकारी और लालजी भी शामिल रहे। टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के मंच से किसान नेता जगफूल सिंह, युवा नेता भारत मांडोठी, जयकिशन दलाल, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन नेता शारदा दीक्षित, रितू कौशिक व कांता शर्मा ने सभा को संबोधित किया। कर्मचारी नेता रमेश कुमार शर्मा ने क्रांतिकारी रागिनी सुनाई।
सभी वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ये कानून रद्द नहीं कर दिए जाते। आंदोलन तोड़ने के लिए सरकार ने साजिश रची। तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। कानून कैसे किसानों हित में नहीं है यह सब बताने के बाद भी कृषि मंत्री बयान दे रहे हैं कि किसान आज तक यह नहीं बता सके कि इन कानूनों में काला क्या है? किसान नेताओं ने कहा, मंत्री सरासर झूठ बोलते हैं। वे कहते हैं कि किसानों की भलाई के लिए हम ये कानून लाए हैं, लेकिन ये कानून न केवल किसानों के खिलाफ हैं बल्कि गरीबों, मजदूरों, देश की आम जनता के हितों के खिलाफ हैं। ये कानून बड़े-बड़े थोक व्यापारियों, पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के हित में हैं। वक्ताओं ने किसानों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में दिल्ली की सीमाओं पर धरनों में पहुंचने की अपील की।