झज्जर। खेल नर्सरियों की बाट जोह रहे खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है कि खेल विभाग ने शुक्रवार को ये खेल नर्सरियां अलॉट कर दी हैं। खेल नर्सरियों के लिए खिलाड़ी पिछले पांच माह से इंतजार रहे थे। खेल विभाग के द्वारा हर जिले के 20 नर्सरियां खोलने के लिए जब आवेदन मांगे गए तो 54 स्कूलों ने आगे आए थे। फार्मों की छंटनी के बाद डीएसओ ने आवेदन मुख्यालय को भेज दिए थे। खेल विभाग मापदंडों के आधार पर शुक्रवार को 16 स्कूलों को खेल नर्सरियां अलॉट कर दी हैं। वहीं बाकी की 4 खेल नर्सरियों के लिए फिर से आवेदन लिए जाएंगे। ये आवेदन स्कूलों को 15 मई से पहले जमा करवाने हैं। मानक पर खरे उतरने वाले स्कूलों को ये नर्सरियां अलॉट कर दी जाएंगी।
9 निजी और 7 सरकारी स्कूलों के हिस्से आई नर्सरी
खेल विभाग ने स्कूलों को अलॉट की गई नर्सरियों में सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को बराबर की टक्कर दी है। खेल विभाग ने 9 निजी स्कूलों को तो 7 सरकारी स्कूलों को नर्सरियां अलॉट की हैं। इससे उम्मीद की जा सकती है कि अब सरकारी स्कूलों के छात्र भी खेल में अपना जौहर दिखाकर आगे बढ़ सकेंगे।
इन निजी स्कूलों को मिली नर्सरी
1. मून लाईट हाई स्कूल, सिलाना, झज्जर।
2. ज्यूपिटर पब्लिक सीनीयर सेकेंडरी स्कूूल एनएच-10 झज्जर।
3. जीएवी स्कूल पाटौदा, झज्जर।
4. मॉडर्न सीनीयर सेकेंडरी स्कूल बहादुरगढ़।
5. संत कबीर इंटरनेशनल स्कूल लडरावण, झज्जर।
6. एकता हाई स्कूल, खोरा मातनहेल।
7. बीडी सीनीयर सेकेंडरी स्कूूल बहुझोलरी।
8. एसएस पब्लिक स्कूल खातीवास।
9. जेएस सीनीयर सेकेंडरी स्कूल आसौदा।
इन सरकारी स्कूलों में आई नर्सरी
1. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खाचरौली, झज्जर।
2. राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डीघल।
3. राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डाबौदा कलां।
4. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल माछरौली, झज्जर।
5. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल दुल्हेड़ा, झज्जर।
6. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल महराणा, झज्जर।
7.राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नीलोठी।
ये मिलेंगी खिलाड़ियों को सुविधाएं
स्पीड टेस्ट के सफल प्रतिभागियों को इन नर्सरियों में खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उनको आहार भत्ते के लिए छात्रवृत्ति के तौर पर 8 से 14 साल तक के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ी को 2 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। वहीं इन खेल नर्सरियों में 15 हजार रुपये से अनुबंधित कोच रखे जाएंगे तथा हर नर्सरी को एक लाख 20 हजार रुपये उपकरण और उपभोग्य सामग्रियों के लिए दिए जाएंगे।
ये नियम होंगे खिलाड़ियों पर लागू
स्पीड टेस्ट के लिए सफल प्रतिभागी को हर माह कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लेना होगा तभी उनको छात्रवृत्ति दी जाएगी। वहीं खिलाड़ियों को नशे व असामाजिक गतिविधियों से खुद को दूर रखना होगा। अगर खिलाड़ी किसी भी प्रकार से नशे व असामाजिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया तो उससे छात्रवृत्ति की राशि विभाग के द्वारा रिकवर कर ली जाएगी।
16 स्कूलों को खेल नर्सरी अलॉट की गई हैं। बाकी की 4 नर्सरी के लिए स्कूल 15 मई तक खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग में आवेदन जमा करवा सकते हैं। विभाग के द्वारा चयन प्रक्रिया में पहले वाले ही मापदंड अपनाए जाएंगे।
- राजबीर सिंह, डीएसओ, झज्जर।