झज्जर। बजरंगी हनुमान का लंबा मुकुट धारण कर अपना पराक्रम दिखाने का वह दिन आ गया, जिसका शहर के करीब डेढ़ दर्जन युवक संयम के नियमों का पालन करते हुए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। रविवार को दुर्गा अष्टमी के दिन बजरंगी बने युवाओं के प्रदर्शन का पहला दिन था। देश विभाजन से पूर्व हाल पाकिस्तान के लैया क्षेत्र से शुरु हुई परंपरा को निभाते हुए नगर के विभिन्न मंदिरों के संयोजन में अष्टमी, नवमी व दशमी पर अपने सोष्ठव का प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया जाता है।
इस वर्ष करीब 15 युवक पिछले करीब 40 दिनों से जमीन पर सोना, बिना नमक का भोजन करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना जैसे कठोर नियमों का पालन करते हुए स्वयं को इस सतकर्म हेतु तैयार किया है। बात मेन बाजार स्थित बाबा कांशीगीरी मंदिर की करे तो यहां रविवार को पीढ़ी दर पीढ़ी परंपरा निर्वहन हेतु युवाओं को प्रेरित कर उनकी साज सज्जा करने वाले सुभाष वर्मा के निर्देशन में चार युवकों को हनुमानजी का लंबा मुकुट पहनाकर गाजे बाजे के साथ रामलीला ग्राउंड में जारी प्राचीन रामलीला में ले जाया गया, जहां बजरंगी ने नाचते गाते अपने शौर्य सौष्ठव का प्रदर्शन किया। रामलीला के बाद बजरंगी नगर परिक्रमा की गई, जिस दौरान मनोकामनाएं पूर्ण होने पर विभिन्न घरों में जाकर उन्हें आशीर्वाद भी दिया गया। इस अवसर पर हनुमान सेवक सुभाष वर्मा, सुंदर वर्मा, रिंकू नंदा, वेद बहल, चीनू हंस, सतीश वर्मा, कन्नू टुटेजा मौजूद रहे।