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Jhajjar-Bahadurgarh News: सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं से हो रहे हादसे, प्रशासन लापरवाह

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-फोटो 61 : प्रेम राठी
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बहादुरगढ़। शहर की सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशु इन दिनों आमजन के लिए परेशानी का सबब बने हुए है। हफ्तेभर पहले बराही रोड पर ऑटो का इंतजार कर रहे एक युवक को सांड ने पटककर मार डाला। सांड का एक सींग जहां युवक के गले में लगा तो दूसरा पेट में। वहीं लगभग चार महीने पहले रेलवे स्टेशन के नजदीक माल गोदाम के नजदीक एक बेसहारा पशु ने एसपीओ और एक राहगीर को टक्कर मार दी थी। इसमें राहगीर की मौत हो गई थी। जबकि एसपीओ गंभीर रूप से घायल हो गया था। इनके अलावा कई लोग इन पशुओं की टक्कर से चोटिल हुए हैं।
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शहर के कई मार्गों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। इसके कारण हर समय हादसे की संभावना बनी रहती है। चाहे रोहतक-दिल्ली मार्ग हो, ड्रेन वाला रास्ता, रेलवे रोड या फिर झज्जर रोड पर सब्जी मंडी के बाहर। सभी जगह दिन हो या रात बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। कई बार यह पशु लड़ते हैं तो वहां से गुजरने वाले राहगीर को अपनी चपेट में ले लेते हैं। कई बार बेसहारा पशुओं से बड़ी दुर्घटना भी हो चुकी हैं। इसी वर्ष अब तक पांच हादसे हो चुके हैं। इनमें एक हादसा तो 6 जुलाई रविवार को हुआ है। इसमें रोहतक के भाली आनंदपुर गांव के रहने वाले 21 वर्षीय गौरव की मौत हो गई। जबकि सांखोल गांव निवासी 60 वर्षीय नरेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। वह पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन है। इनके अलावा अन्य घटनाएं और हुई हैं। इनमें एक हादसा महाबीर मंदिर गली में हुआ था तो दूसरा नेहरू पार्क कॉलोनी में। बहादुरगढ़ की विभिन्न सड़कों और कॉलोनियों में 600 से ज्यादा पशु घूमते रहते हैं।



शहर में बेसहारा पशुओं के सड़कों पर घूमने से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेसहारा पशुओं के सड़कों पर घूमने से हादसों का भी डर बना रहता है। पहले भी इनकी वजह से कई हादसे हो चुके हैं। इनकी आपसी लड़ाई में कई बार वाहन चालक भी इसका शिकार हो चुके है।
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-प्रेम राठी, परनाला निवासी



नगर परिषद अधिकारियों से मांग की है कि शहर में विभिन्न मार्गों पर बैठे रहने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जाए। ताकि आमजन इन सड़कों से आसानी से निकल सके।

-बाला देवी, विकास नगर, लाइनपार



केस नंबर 1

बहादुरगढ में माल गोदाम के निकट 2 मार्च 2025 को बेसहारा गोवंश ने एक एसपीओ और राहगीर को टक्कर मार दी थी। इसमें एसपीओ धन सिंह को हल्की चोट आई थी। जबकि राहगीर की जान चली गई थी। मृतक की पहचान 46 वर्षीय भिखारी सिंह के रूप में हुई थी। वह यहां छोटूराम नगर में रहता था।



केस नंबर 2

अपै्रल महीने में महाबीर मंदिर गली के पास एक बेसहारा पशु ने एक युवक को टक्कर मार दी थी। उसे सींगों से उठाकर नाले में फेंक दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा।



केस नंबर 3

अप्रैल माह में ही एक और घटना हुई। यह नेहरू पार्क में घटित हुई। यहां पर दो बेसहारा पशुओं ने एक युवक को उठा-उठाकर पटका। इससे उसके शरीर पर काफी चोटें आई। उसे रोहतक के पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया था। करीब 10 दिनों बाद हालत में सुधार हुआ।



केस नंबर 4

मई महीने में बादली रोड पर दो बेसहारा पशु आपस में लड़ रहे थे। इनमें से एक पशु वहां से गुजर रही कार के ऊपर से कूद गया था। इसमें कार चालक की जान बाल-बाल बची थी, लेकिन कार में काफी नुकसान हुआ था।



केस नंबर 5

रविवार 6 जुलाई को बराही-सांखोल मोड़ पर ऑटो का इंतजार कर रहे गौरव को एक सांड ने पटककर मार डाला। वह मेट्रो में कार्यरत था। उनके साथ यहां पर सांखोल गांव के नरेश कुमार भी खड़े थे। उन्हें भी सांड ने अपनी चपेट में ले लिया और घायल कर दिया। वह पीजीआई रोहतक में उपचाराधीन हैं।



शहर में पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया हुआ है। 222 बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेजा गया है। गोशालाओं में और गोवंश रखने के लिए जगह नहीं है। गोवंश छोड़ने के लिए गोशालाओं की मांग की गई है।
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-सुनील हुड्डा, एसआई, नगर परिषद, बहादुरगढ़।



-फोटो 59 : नई बस्ती की एक गली में बीचों-बीच बैठा सांड। संवाद

-फोटो 60 : सांखोल गांव में सड़क पर घूमते बेसहारा पशु। संवाद

-फोटो 61 : प्रेम राठी

-फोटो 62 : बाला देवी



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-फोटो 61 : प्रेम राठी

-फोटो 61 : प्रेम राठी

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