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सरकार के आदेश के बावजूद नहीं हो रही धान की खरीद

Wed, 11 Nov 2015 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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शहर की अनाजमंडी बनने के बाद से लेकर अब तक पहली बार सरकार ने धान की खरीद शुरू की थी, मगर हैफेड अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों के धान की खरीद नहीं हो पा रही है।
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किसान धान लेकर अनाज मंडी में पहुंच रहे हैं, मगर उनके धान की खरीद नहीं हो पा रही है। किसान के धान की खरीद नहीं हो पाने के कारण आढ़ती भी परेशान हैं तथा उन्होंने मंगलवार को सरकार के खिलाफ हैफेड अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।

आढ़तियों का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद उन्होंने किसानों से मंडी में धान मंगवा लिया है, मगर अब उसकी खरीद नहीं की जा रही है।

झज्जर में अनाजमंडी सन् 1974 में बनी थी। मंडी बनने के बाद से लेकर अब तक मंडी में धान की खरीद नहीं हुई थी। इस बार कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के प्रयास से अनाजमंडी में 1509 किस्म के धान की खरीद झज्जर अनाजमंडी में शुरू किए जाने का फैसला लिया गया था।
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इसके लिए 6 नवंबर को बाकायदा पत्र भी जारी किया गया था। खरीद एजेंसी के तौर पर सरकार ने जिम्मेवारी हैफेड की लगाई थी। अब किसान तो अनाजमंडी में पहुंचने शुरू हो गए हैं और आढ़ति भी धान खरीदने के लिए तैयार हैं, मगर हैफेड ने धान की खरीद आरंभ नहीं की है।

इसी से नाराज आढ़तियों ने मंगलवार को अनाज मंडी में हैफेड अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी करने वालों में आढ़ति एसोसिएशन के प्रधान हरेंद्र सिलाना, चरण सिंह दलाल, जसबीर, पवन गोयल, संदीप गुलिया, विनोद गोयल व चांद सिंह शामिल थे।

दो दिन से कर रहा खरीद का इंतजार
कबलाना निवासी किसान दिवान ने बताया कि वह दो दिन पहले अनाजमंडी में तीन एकड़ धान की फसल लेकर आया था, मगर अभी तक खरीद नहीं हो पाई है। किसान ने बताया कि धान की खरीद नहीं होने के कारण उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिवान ने कहा कि अगर उसकी फसल खरीद ली जाए तो उसकी परेशानी कम हो जाएगी।

डीएम ने कहा, मील नहीं की है अलॉट
इस बारे में जब हैफेड के डीएम सुरेश जावा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से धान खरीद के निर्देश मिले हैं, मगर अभी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक द्वारा कोई मिल अलॉट नहीं की गई है, जहां पर धान को भिजवाया जा सके।

इस बारे में जब जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अशोक शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिले में कोई मिल है ही नहीं, जिसे अलॉट किया जा सके। रोहतक के धान को गोहाना मिल में भिजवाया जा रहा है तो झज्जर के धान को भी वहीं क्यों नहीं भिजवाया जा रहा है।

सरकार, आढ़तियों व किसानों को हो रहा है नुकसान
आढ़ति एसोसिएशन के प्रधान हरेंद्र सिलाना व आढ़ति चरण सिंह दलाल ने कहा कि धान की खरीद नहीं होने के कारण सरकार, आढ़तियों व किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। हरेंद्र सिलाना ने कहा कि धान की खरीद अगर यहीं पर हो तो सरकार को वैट व मार्केट फीस मिलेगी। आढ़तियों को आढ़त मिलेगी। वहीं यहां पर खरीद नहीं होने के कारण किसानों को अपना धान नजफगढ़ मंडी में ले जाना पड़ता है। इससे किसानों को डीजल व टाइम का नुकसान होता है। 
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