फोटो नंबर 71: स्वचालित मौसम केंद्र लगाने का समझौता पत्र दिखाई प्राचार्य आनंद काद्यान। (स्रोत कॉ
बादली। चौधरी धीरपाल राजकीय महाविद्यालय में जल्द ही अत्याधुनिक स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित होगा। परियोजना को लेकर कॉलेज प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान और महाविद्यालय प्रबंधन के बीच स्वचालित मौसम केंद्र लगाने का समझौता हुआ है।
प्राचार्य मेजर आनंद कादयान ने बताया कि केंद्र की स्थापना से भूगोल और पर्यावरण विज्ञान के छात्रों को मौसम की बारीकियों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य महाविद्यालय को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। वेदर स्टेशन के आने से छात्र केवल किताबों में ही नहीं बल्कि लाइव डेटा के माध्यम से मौसम चक्र, तापमान और वर्षा की गणना करना सीख सकेंगे।
प्राचार्य ने बताया कि केंद्र केवल शैक्षणिक उद्देश्य तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इससे प्राप्त सटीक डेटा आसपास के क्षेत्र के किसानों को फसल प्रबंधन में भी सहायता प्रदान करेगा। यह केंद्र डिजिटल होगा जो पल-पल की मौसम संबंधी जानकारी अपडेट करेगा। बता दें कि क्षेत्र में मौसम विशेषज्ञ नहीं हैं। इसके चलते क्षेत्र में मौसमी मानकों का निरंतर और सटीक रिकॉर्ड नहीं मिल रही। कॉलेज भवन में इसके स्थापित होने से अब न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा बल्कि जिले के समग्र विकास में भी यह केंद्र सहायक सिद्ध होगा।