संवाद न्यूज एजेंसी
बादली (बहादुरगढ़)। सहकारिता एवं जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के पैतृक गांव एमपी माजरा में सरकारी स्कूल पांचवीं कक्षा तक ही है। इससे ऊपर गांव में स्कूल नहीं है। आठ किमी दूर बच्चे बादली जाते हैं। दो कमरों में स्कूल चल रहा है। दो शिक्षक 37 बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
पहली से पांचवीं तक का स्कूल एक ही कमरे में लगता है। बाल वाटिका के तीन बच्चे भी इन्हीं के साथ बैठते हैं। दूसरे कमरे में स्टाफ रूम और कार्यालय है। ऐसे में सवाल उठता है कि पहली कक्षा का विद्यार्थी पांचवीं के विषय कैसे पढ़ सकता है। और पांचवीं का विद्यार्थी पहली कक्षा की किताबों से शिक्षा कैसे ग्रहण कर सकता है। यह देखने वाला कोई नहीं है। न नेता, न ही प्रशासनिक अधिकारी और न ही शिक्षा विभाग। ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य पर पलीता लग ही रहा है। यह गांव बादली विधानसभा क्षेत्र में आता है।
प्राइमरी स्कूल की पुरानी इमारत पांच वर्ष पहले जर्जर घोषित कर दी गई थी। जो अभी तक खड़ी है। बारिश में यहां पानी भर जाता है जिससे मच्छर पनपने लगते हैं। सांप-बिच्छू का भी खतरा बना रहता है। चार साल पहले नई इमारत की जगह दो कमरे और बरामदा बनाए गए थे। दो शिक्षकों में एक हेड की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं जो कार्यालय के पेपर वर्क और मीटिंग संबंधी कार्य निभाते हैं। ऐसे में केवल एक ही शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। स्कूल में शौचालय और पीने के पानी की सुविधा बेहतर है। खेल का कोई मैदान नहीं है। बिजली चली जाती है तो बरामदे में भी कक्षाएं लगती हैं।
बार-बार इन्वर्टर की मांग किए जाने के बाद भी उपलब्ध नहीं करवाया गया है। बारिश होती है तो कक्षाओं तक पानी भर जाता है। कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। बिजली जाने पर बच्चों को भी दिक्कत होती है वहीं कार्यालय के काम में भी बाधा आती है फिर बिजली आने का इंतजार ही करते हैं। जर्जर भवन गिराने के लिए भी कई बार पत्राचार कर चुके हैं। अधिकारियों के संज्ञान में है।
-सत्यनारायण, हेड मास्टर, एमपी माजरा
एमपी माजरा गांव में एक साथ बैठाकर पढ़ाई कराना गलत है। इस बारे में जानकारी मिली है। मैं स्वयं स्कूल का दौरा करूंगा। सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ किसी भी सूरत में नहीं पढ़ाया जा सकता। हालांकि स्कूल में शिक्षकों का अभाव है, लेकिन फिर भी यह अध्यापकों को मैनेज करना होता है।
शेर सिंह, उपमंडल शिक्षा अधिकारी, बहादुरगढ़
रिपोर्ट कार्ड
एमपी माजरा प्राथमिक विद्यालय
विद्यार्थियों की संख्या : 37
शिक्षकों के स्वीकृत पद : 5
कार्यरत शिक्षक : 2
शिक्षकों के रिक्त पद : 3
शिक्षकों की आवश्यकता : 3
शौचालय : 1