-फोटो 51 : मौके पर लगी लोगों की भीड़। संवाद
बहादुरगढ़। चार साल पहले बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव मंझोला से रोजी-रोटी कमाने के लिए आए एक परिवार पर लगातार दुखों का पहाड़ टूट रहा है। डेढ़ वर्ष पहले जहां महिला के पति की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शुक्रवार को रोहद-मांडौठी गांव के पास से गुजर रही नहर में डूबने से भाई सुनील की मौत हो गई। जबकि दो बेटियां भी नहर में बह गई।
24 घंटे बाद भी बेटियों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस और गोताखोर की कई टीमें बच्चियों के शवों को ढूंढने में लगी हुई हैं। बताया गया है कि दोनों बेटियां अपने मामा के साथ नहर पर कपड़े धोने के लिए आई थी। भांजियों का नहर पर पैर फिसला तो मामा उन्हें बचाने के लिए नहर में कूद पड़ा और वह भी उसमें बह गया।
चार वर्ष पहले समस्तीपुर जिले का रहने वाला चरण सिंह अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर बहादुरगढ़ के गांव रोहद में आया था। वह यहां पर रोहद औद्योगिक क्षेत्र में प्राइवेट कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी सोना भी एक प्लाईवुड कंपनी में काम करती है। पत्नी सोना ने बताया कि उनके पति की मौत वर्ष 2024 में बीमारी के कारण हो गई थी।
इसके बाद वह अपने परिवार का गुजर-बसर कर रही थी। उसके पास चार बेटिया हैं। इनमें एक 7, दूसरी 10, तीसरी 13 और चौथी 15 साल की है। इनमें 7 और 10 साल की बेटी रागिनी और उर्मी शुक्रवार की शाम गांव से घर आए उसके मामा सुनील के साथ नहर पर कपड़े धोने के लिए गई थी।
उसे बताया गया है कि सुनील का शव शनिवार की दोपहर मिल गया। जबकि उनकी दोनों बेटियों के शव अभी तक नहीं मिल पाए हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अभी उनकी तलाश की जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर उनके गांव मंझोली से उनके ससुर देवीदेव भी शनिवार को यहां पहुंचे। सुनील (28) अविवाहित था।