-फोटो 52 : ड्रेन की रिटेनिंग वॉल का हुआ काम। संवाद
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पंकज रोहिल्ला बहादुरगढ़। शहर में उत्तरी बाईपास के निर्माण के बीच में आ रहे इस्कॉन मंदिर को किसी भी सूरत में आंच नहीं आएगी। सिंचाई विभाग ने मंदिर को बचाते हुए प्रोजेक्ट को पूरा करने का प्लान तैयार कर दिया है। इसके लिए सिंचाई विभाग ने सरकार से 30 करोड़ तक का बजट और मांगा है। इसी बजट से सिंचाई विभाग की ओर से ड्रेन के अंदर ही बॉक्स बनाए जाएंगे और उसी के ऊपर से सड़क बनाई जाएगी। साथ ही 11 पुलों का निर्माण भी उत्तरी बाईपास पर किया जाएगा।
यह बाईपास बनने के बाद शहर के अंदर से गुजरने वाली सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं, रिटेनिंग वॉल का काम आसौदा तक पूरा हो चुका है। बहादुरगढ़ में वाहन चालकों के लिए उत्तरी बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के बीच में इस्कॉन मंदिर आ गया था, लेकिन विभाग ने इसे बचाते हुए निर्माण पूरा करने की बात कही है। बराही गांव के पास निर्माण कंपनी की ओर से वेस्ट जुआं ड्रेन पर 60 फीट नाले के दोनों तरफ सीसी की रिटेनिंग वाल (सीमेंट-कंकरीट की दीवार) बनाई जा चुकी है, लेकिन शहर के अंदर ड्रेन की करीब 80 फीट तक जमीन पर मंदिर का हिस्सा है। इसे बचा दिया गया है। वैसे तो प्रोजेक्ट में यह तय है कि 60 फीट की चौड़ाई तक ड्रेन खुली रहेगी और उसके दोनों तरफ सीसी की दीवार बनेगी, लेकिन इस्कॉन मंदिर के पास जगह कम बची है तो इसलिए सिंचाई विभाग ने यह प्लान तैयार किया है कि यहां पर ड्रेन को कवर किया जाए और उसके ऊपर ही सड़क बना दी जाए ताकि प्रोजेक्ट भी पूरा हो जाए और मंदिर भी बचा रहे।