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हौसले को सलाम : 95 साल के बुजुर्ग ने दी कोरोना को मात

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स्वस्थ होने पर जयनारायण शर्मा को गुलदस्ता भेंट करते दीपक खट्टर व डा. शर्मा। - फोटो : Bahadurgarh
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अगर कोई कोरोना से संक्रमित हो जाए तो वह डर जाता है और अपनी हिम्मत खो देता है, लेकिन शहर के सेक्टर-6 में रह रहे 95 वर्षीय जयनारायण शर्मा ने सकारात्मक सोच और हौसले को इस महामारी के खिलाफ हथियार बनाया और महज 23 दिन में कोरोना को मात देकर घर लौट आए। कोरोना से जंग जीतने पर उन्होंने कहा कि चिकित्सीय सलाह के पश्चात वह प्लाज्मा डोनेट करने को तैयार हैं ताकि किसी संक्रमित की जान बचाई जा सके।
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भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जयनारायण को बुखार होने पर 21 अगस्त को अस्पताल ले जाया गया। जहां जांच के बाद उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। अस्पताल में डॉ. अरुण शर्मा की देखरेख में उनका उपचार चला। इसके बाद 27 अगस्त को दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली। बाद में उपचार के दौरान जल्द ही उनकी सेहत में सुधार होने लगा। इसके बाद 12 सितंबर को उनका तीसरी बार सैंपल जांचा गया जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। उम्र के इस पड़ाव में मात्र 23 दिन में उन्होंने कोरोना से जंग जीत ली। इसके बाद शुक्रवार 18 सितंबर को उनका दोबारा टेस्ट हुआ, जिसमें वह बिल्कुल स्वस्थ घोषित किए गए। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद निदेशक दीपक खट्टर और डॉ. अरुण ने कोरोना विजेता जयनारायण को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
1970 में हुए थे सेना से रिटायर्ड
95 वर्ष की आयु में अपने अदम्य हौसले से कोरोना को हराकर जयनारायण शर्मा ने जिंदादिली का उदाहरण पेश किया है। जयनारायण मूलरूप से झज्जर जिले के खरहर गांव के हैं। 1970 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद से वह निरंतर गांव और झज्जर जिले में सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि डाक्टरों के बताए अनुसार उचित खानपान व सावधानी और पूरी उम्र में उचित दिनचर्या में रहने से उन्हें कोरोना से जल्दी छुटकारा मिल गया। उन्होंने कहा कि चिकित्सीय सलाह के पश्चात वह प्लाज्मा डोनेट करने को तैयार हैं ताकि किसी करोना संक्रमित व्यक्ति की जान बचाई जा सके।
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