अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सरसों खरीद में पांच दिनों से चला आ रहा गतिरोध हैफेड डीएम के तबादले और हैंडलिंग एजेंट बनाने की शर्ताें में संशोधन होने के साथ ही समाप्त हो गया है। 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद की घोषणा के बाद भी किसान और आढ़ती परेशान थे। आढ़तियों का कहना था कि हैंडलिंग एजेंट बनाने की शर्तें जटिल होने और डीएम का रवैया अड़ियल होने के कारण गतिरोध पैदा हो गया था। इसी कारण शेड्यूल जारी नहीं करने और सरसों की सरकारी खरीद नहीं होने से किसान भी परेशान थे। हैफेड के जीएम की मध्यस्तता के बाद जहां हैंडलिंग एजेंट बनाने की शर्तों का सरलीकरण किया गया, वहीं आढ़तियों की शिकायत पर डीएम का तबादला भी कर दिया है। नए एग्रीमेंट के अनुसार सिक्योरिटी राशि जमा कराने की शर्त को हटा दिया गया है। अब मंगलवार को भी तीन किसानों ने निर्धारित से सस्ते दामों पर आढ़तियों को अपनी सरसों बेची। उधर डीसी के अनुसार सरसों की बिक्री के लिए दादरी अनाज मंडी में आने वाले किसानों को गिरदावरी या जमीन की फर्द लाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आढ़तियों और हैफेड के बीच हैंडलिंग एजेंट बनने की शर्तों पर फंसा पेच हैफेड जीएम की मध्यस्तता के बाद सुलझ गया है। आढ़तियों की मांग पर हैफेड डीएम कृष्ण नरवाल का जीएम ने तबादला कर दिया है। उनकी जगह संदीप पूनिया को डीएम का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। मंगलवार को भी जिले की मंडियों में सरसों की खरीद शुरू नहीं हो पाई। इसके चलते किसानों को लौटना पड़ा। मंगलवार को भी तीन किसानों ने आढ़तियों को सस्ते दामों पर अपनी सरसों बेची है। यह सरसों 3400 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेची गई है। इन तीनों किसानों ने 95 क्विंटल सरसों बेची। मंडी में प्राइवेट तौर पर सरसों खरीद का भाव इस समय 3200 से 3700 के बीच चल रहा है। सरकारी खरीद रेट 4200 रुपये प्रति क्विंटल है। हालांकि सरकारी खरीद में एक किसान से शेड्यूल के अनुसार 25 क्विंटल सरसों खरीदने का ही प्रावधान है। सोमवार शाम ही हैफेड ने पांच अप्रैल तक सरसों खरीद का शेड्यूल जारी किया था। इसके मुताबिक दो अप्रैल को दादरी के गांव जयश्री, कंहेटी, मोरवाला, नौसवा, मालकोस गांव के किसानों की सरसों खरीद होनी थी। इसके चलते इन गांवों के किसान दादरी मंडी भी पहुंचे लेकिन हैफेड के अधिकारियों के न होने से खरीद शुरू नहीं हो पाई। इसके बाद कुछ किसानों ने आढ़तियों को ओपन खरीद में सरसों बेच दिया। वहीं, डीएम कृष्ण नरवाल का तबादला होने और पांच लाख की सिक्योरिटी राशि की शर्त हटाने के बाद आढ़ती मंगलवार सुबह हैंडलिंग एजेंट बनने को तैयार हो गए। आढ़तियों ने बताया कि हैफेड मैनेजर के मंडी में न होने और आढ़तियों के हैंडलिंग एजेंट व बीसीपी (बिलिंग कम पेइंग एजेंट) बनाने की कागजी कार्रवाई के चलते सरकारी खरीद दोपहर तीन बजे तक नहीं हो पाई थी। अनाज मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि करीब 20 बीसीपी बनाए जाएंगे और हैंडलिंग एजेंट बनकर आढ़ती अब सरसों खरीदने को तैयार हैं।
आढ़तियों ने जीएम से की थी डीएम की शिकायत
सोमवार शाम करीब सवा छह बजे दादरी मंडी पहुंचे जीएम साहनी आढ़तियों से मिले थे। इस दौरान उन्होंने हैंडलिंग एजेंट की शर्तों का विरोध करने का आढ़तियों से कारण पूछा था। आढ़तियों ने उनसे डीएम कृष्ण नरवाल की शिकायत की थी। इसके बाद जीएम ने देर शाम ही डीएम के तबादले के आदेश जारी कर दिए और उनकी जगह संदीप पूनिया को डीएम का चार्ज दिया गया है।
बाढड़ा मंडी में भी शुरू नहीं हो पाई सरसों की खरीद
मंडी के अलावा बाढड़ा उपमंडल की अनाज मंडी में भी सरसों की खरीद होनी है। दादरी की तरह ही बाढड़ा में अभी तक सरसों खरीद शुरू नहीं हो पाई। किसानों की आवाजाही शुरू न होने से बाढड़ा मंडी वीरान पड़ी है, हालांकि बाढड़ा मंडी के आढ़ती हैंडलिंग एजेंट बनने को पहले ही तैयार हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो अगले दो से तीन बाद बाढड़ा मंडी में सरसों की खरीद शुरू होने की उम्मीद है। सोमवार को बाढड़ा एसडीएम ने अनाज मंडी का दौरा भी किया था।
न चौकीदार न सफाई का प्रबंध, एसीएस के आदेश दरकिनार
तीन दिन पहले ही प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलहाटी ने दादरी अनाज मंडी का जिला उपायुक्त अजय तोमर के साथ निरीक्षण किया था। इस दौरान आढ़तियों ने उनके सामने मंडी में चौकीदार न होने की शिकायत की थी। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने तुरंत प्रभाव से चौकीदार रखने के आदेश दिए थे लेकिन मंगलवार शाम तक इन आदेशों की पालना नहीं हुई है। आढ़तियों ने बताया कि दादरी मंडी में सफाई के भी पुख्ता प्रबंध नहीं है जबकि मार्केटिंग बोर्ड सफाई के लिए ठेकेदार को 90 हजार रुपये प्रतिमाह देती है।
टीन शेड को दुरुस्त करने का काम शुरू
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलहाटी ने निरीक्षण के दौरान अनाज मंडी की टीन शेड के नीचे खड़े होने वाले वाहनों को हटवाने के आदेश भी दिए थे। मार्केट कमेटी की तरफ से अब तक इन आदेशों की पालना भी नहीं की गई है। मंगलवार को भी टीन शेड के नीचे भारी वाहन खड़े नजर आए। हालांकि अतिरिक्त मुख्य सचिव के आदेशानुसार टीन शेड को पेंट कराने का काम शुरू करवा दिया गया है और अगले दो से तीन बाद टीन शेड चमचमाती नजर आएगी।
पूर्व कांग्रेस मंत्री और भाजपा जिला अध्यक्ष पहुंचे मंडी
मंगलवार को सरसों खरीद का जायजा लेने कांग्रेस के पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान और भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशन शर्मा भी अनाज मंडी पहुंचे। इस दौरान आढ़तियों से उन्होंने बातचीत की और समस्याएं जानीं। सतपाल सांगवान ने कहा कि भाजपा सरकार को प्रति एकड़ साढ़े छह क्विंटल सरसों खरीद और दस्तावेजों वाली अनावश्यक शर्तें हटानी चाहिए ताकि किसानों को समस्याएं न आए। उन्होंने कहा कि गत कांग्रेस सरकार में दादरी अनाज मंडी में किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा गया था।
सरकारी सरसों की खरीद की शर्तें बनी गले की फांस
- मैंने चार एकड़ में सरसों की बिजाई की थी। सरकारी खरीद की जो शर्तें हैं उन्हें पूरा कराना बेहद मुश्किल काम है। रियायत दी नहीं जा रही और इसके चलते किसान औने-पौने दाम पर ही अपनी सरसों आढ़तियों को बेचेंगे। मनोज, अख्तियारपुरा
- मैंने साढ़े चार एकड़ में सरसों की बिजाई की है। एक एकड़ में कम से कम 12 क्विंटल सरसों की पैदावार हुई है। सरकार दाना-दाना खरीदने की बात कहकर प्रति एकड़ साढ़े छह क्विंटल सरसों खरीदने को ही तैयार है। धर्मपाल, चरखी
- 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होनी थी और आज दो अप्रैल हो चुकी है। अब भी दादरी मंडी में सरसों की खरीद के कोई इंतजाम नहीं हैं। जिन किसानों को रुपये की ज्यादा जरूरत है वे मजबूरी में सस्ते दामों पर अपनी सरसों आढ़तियों को बेच जाएंगे। ज्ञानीराम, फतेहगढ़
- पिछली बार प्रति एकड़ एक किसान से आठ क्विंटल सरसों खरीदी गई थी लेकिन इस बार इसे घटाकर साढ़े छह क्विंटल किया गया है। ऐसे में किसान अपनी बची हुई सरसों सस्ते दामों पर आढ़तियों को ही बेचेगा। सरसों की खरीद जल्द शुरू होनी चाहिए। सोमबीर, समसपुर
आढ़ती हैंडलिंग एजेंट बनने को तैयार हो गए हैं, जल्द ही बीसीपी बना दिए जाएंगे। सिक्योरिटी राशि की शर्त नए एग्रीमेंट में हैफेड जीएम ने हटा दी है। अन्य शर्तों का भी सरलीकरण हुआ है। आढ़तियों की मांग पर हैफेड डीएम का तबादला हो गया है। अब आढ़ती सरकारी सरसों की खरीद के लिए तैयार हैं।
रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान
सरसों की बिक्री के लिए दादरी अनाज मंडी में आने वाले किसानों को गिरदावरी या जमीन की फर्द लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। किसान को अपने साथ केवल मेरी फसल मेरा ब्योरा वेबसाइट का रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार कार्ड व रजिस्ट्रेशन में दिए गए बैंक खाता की फोटो कॉपी लेकर आनी है। तीन अप्रैल को दादरी जिला के गांव सरूपगढ़, ऊण, बौंद कलां, बौंद खुर्द व रणकौली, चार अप्रैल को भैरवी, दातौली, डोहका मौजी, कलियाणा, खातीवास व पांच अप्रैल को सांकरोड, फौगाट, कोहलावास, नरसिंहवास एवं माई खुर्द के किसानों से सरसों की खरीद की जाएगी। - अजय सिंह तोमर, उपायुक्त