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देरी से आए पशु विभाग के पास टैब्, 15 दिन लेट होगी पशुगणना 20-20-08

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मुकेश शर्मा
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झज्जर। केंद्र सरकार के निर्देश पर देश में पहली बार पशुओं की गणना भी डिजिटल तरीके से की जा रही है। पूरे देश के पशुओं का डेटा भी विभाग ऑनलाइन करेगा। इसके तहत पांच मार्च से झज्जर में भी पशु गणना का कार्य चल रहा है, लेकिन 31 मार्च तक निर्धारित की गई अवधि के दौरान यह कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। ऑनलाइन डिजिटल गणना होने की वजह से विभाग को टैब देरी से मिले। यही वजह है कि यह कार्य 15 अप्रैल तक पूरा होने की संभावना है। केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार की ओर से भी पशु गणना के लिए विशेष तौर पर एप तैयार की गई है। विभाग ने इसे हर पशु का ज्ञान के नाम से बनाया है। केंद्र सरकार की तरफ से करवाई जा रही डिजिटल पशु गणना के साथ-साथ हर पशु का ज्ञान एप पर भी डेटा अपलोड किया जा रहा है। जिले में विभाग ने हिसार केंद्र से 115 टैब भेजे हैं। विभाग की तरफ से अभी तक केवल करीब 40 फीसदी कार्य ही पूरा किया गया है।

95 प्रगणक कर रहे पशु गणना
पशुओं की डिजिटल गणना करने के लिए जिले में डॉ. आरडी शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जबकि 19 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। वहीं 4 मास्टर ट्रेनर लगाए गए हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की तरफ से नियुक्त किए गए 95 प्रगणक घर-घर जाकर पशुओं की गणना कर रहे हैं।
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पिछली गणना में थे 338474 पशु
2012 में हुई 19वीं गणना के अनुसार जिले में करीब 338474 पशु थे। जबकि 185665 घर थे। इन पशुओं में 52815 गोवंश, 247486 भैंस, 19876 भेड़, 10270 बकरी, 8027 सुअर शामिल थे। पशु डिजिटल गणना के लिए पशु पालन विभाग के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। इससे पहले मैनुअल रूप से पशु गणना होती थी। लेकिन इस बार पूरे देश में एक साथ डिजिटल पशु गणना चल रही है।
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देश में पहली बार एक साथ डिजिटल पशु गणना करवाई जा रही है। हमारे पास टैब पहुंचने में देरी के कारण गणना का कार्य लेट शुरू हो पाया। अब तक करीब 40 फीसद कार्य पूरा कर लिया गया है।
डॉ. मनीष डबास, डीडीए, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, झज्जर।
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