अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का कलेक्टर रेट बढ़वाने की मांग के लिए रामनगर गांव के पास 17 गांवों के किसानों धरना वीरवार को भी जारी रहा। किसान 26 फरवरी से धरने पर बैठे हैं। बुधवार को डीसी के साथ हुई बैठक के बाद किसान कुछ संतुष्ट नजर आए थे और अब उनकी नजर शुक्रवार को होने वाली बैठक पर टिकी है। किसान प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि शुक्रवार को वो उपायुक्त के सामने ऐसे दस्तावेज पेश करेंगे जिनसे साबित हो जाएगा कि तय किया गया कैश अवॉर्ड ठीक नहीं है और किसानों की मुआवजा राशि बढ़वाने की मांग जायज है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 17 गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में है। इन जमीनों के मालिक किसान तय कलेक्टर रेट से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें प्रति एकड़ दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि दी जाए। इसे लेकर 26 फरवरी से किसान धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तब तक धरना लगातार जारी रहेगा। वहीं, एसडीएम से दो वार्ता विफल रहने के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपायुक्त अजय सिंह तोमर से मुलाकात की थी। इस बैठक में एनएचएआई अधिकारी भी मौजूद थे। करीब आधा घंटा चली बैठक के बाद बाहर किसानों ने उपायुक्त के रवैये को सकारात्मक बताया था। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शुक्रवार को उपायुक्त ने उन्हें बैठक के लिए दोबारा बुलाया है। बैठक में ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि किसानों के लिए तय मुआवजा राशि बेहद कम है।