अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। ग्रुप-डी की परीक्षा के लिए शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह बस स्टैंड से 33 बसें विभिन्न परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना की गईं। इससे परीक्षार्थियों को तो आसानी हुई लेकिन अन्य रूटों की सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज विभाग के बेड़े में बसों की कमी एक बार फिर से खली। परीक्षार्थियों के लिए स्पेशल बसें चलाने के बाद बस स्टैंड पर महज 57 बसें ही बची। इनको करीब डेढ़ दर्जन लोकल रूटों पर दौड़ाया गया। बसों की कमी के चलते विभाग को दिनभर में 17 लोकल रूट मिस करने पड़े। इसमें यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। विभागीय सूत्रों के अनुसार सामान्य से करीब पांच हजार अधिक लोगों ने प्राइवेट वाहनों में सफर किया।
चरखी दादरी डिपो में इस समय बसों की कमी है। इसके चलते ही फरीदाबाद के लिए सीधी बस सेवा शुरू नहीं हो पायी है। इसके अलावा भी कुछ बड़े शहरों के लिए अभी भी बस सेवा नहीं है। इसके चलते लोगों को बसें बदलकर सफर करना पड़ता है। परीक्षार्थियों की परेशानियों के मद्देनजर रोडवेज ने फरीदाबाद के लिए भी चार स्पेशल बसें चलाईं हैं। ये बसें शुक्रवार रात 11 बजे से सुबह तीन बजे रवाना हुई। सुबह सात बजे तक परीक्षा केंद्रों वाले विभिन्न रूटों पर 22 बसें रवाना की गई। इसके अलावा शुक्रवार रात 11 बजे तक भी परीक्षा केंद्रों वाले तीन रूटों पर नौ बसें चलाई गई। रोडवेज विभाग के अधिकारियों की मानें तो शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तक कैथल, हिसार, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, चंडीगढ़, अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, पानीपत आदि रूटों पर परीक्षार्थियों के लिए 33 बसें चलाई गई। इन 33 बसों के लिए शुक्रवार रात ही 1825 परीक्षार्थियों ने एडवांस बुकिंग करवा दी थी। रोडवेज सूत्रों की मानें तो परीक्षा केंद्रों के लिए रविवार को शनिवार के मुकाबले करीब 20 फीसदी अधिक बसें चलाई जाएंगी। रविवार को परीक्षार्थियों की संख्या शनिवार के मुकाबले अधिक रहेगी। दूसरी तरफ डिपो की 40 फीसदी बसें परीक्षा केंद्रों पर जाने से लोकल रूटों की सेवाएं बुरी तरह चरमराई रही। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक चरखी दादरी के बेडे़ में 99 बसें हैं लेकिन इनमें से रनिंग में 90 बसें ही हैं।
किस रूट पर कितनी चली बसें
रूट बसों की संख्या
दादरी-फरीदाबाद 4
दादरी-कुरूक्षेत्र 2
दादरी-गुरूग्राम 2
दादरी-करनाल 4
दादरी-यमुनानगर 5
दादरी-कैथल 2
दादरी-हिसार 1
दादरी-पानीपत 2
दादरी-अंबाला 5
दादरी-दिल्ली 6
कोई बीमार के पास तो कोई वापस नहीं पहुंच पाया घर
-मैं पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में रह रहा हूं। शुक्रवार राम ही मां की तबीयत खराब हो गई। घर पहुंचने के लिए सुबह जल्दी निकला था। दो घंटे से बस स्टैंड पर खड़ा हूं लेकिन महेंद्रगढ़ के लिए बस ही नहीं है। - अश्वनी, पाली निवासी
-मैं बेरी गांव से मेरे पिता को दवाई दिलाने दादरी आया था। डॉक्टर को दिखाने के बाद वापिस जाने के लिए पिछले ढाई घंटों से बस स्टैंड पर खड़ा हूं लेकिन बेरी रूट पर भेजने के लिए बस ही नहीं है। - संदीप, बेरी निवासी
-मैं सुबह दुबलधन से कोई सामान लेने दादरी आया था। खरीददारी करने के बाद दोपहर एक बजे बस स्टैंड परिसर पर पहुंचा था और अब साढ़े तीन बज चुके हैं लेकिन बस नहीं आई है। काफी सवारियां परेशान हैं। - रामकिशन, दुबलधन निवासी
-मैं चिमनी गांव से अपनी बहन के घर शनिवार को दादरी आया था। आज दो बजे तक मेरा घर पहुंचना जरूरी था और दो घंटे से इंतजार करने के बाद भी अब तक बस सेवा नहीं आई है। अब किसी प्राइवेट वाहन की सहारा लूंगा। - राजकुमार, चिमनी निवासी
परीक्षार्थियों को हमने किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी। डिमांड को देखकर ही ये बसें परीक्षा केंद्रों पर भेजी गई। हम व्यवस्था बनाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। सवारियों की संख्या कम रहने पर रूट मिस किए हैं। - धनराज कुंडू, जीएम