अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जर्जर हाल में पड़ी जिले की 20 सड़कों पर बजट के अभाव में काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इन प्रमुख व अप्रोच सड़कों के लिए करीब 50 करोड़ रुपये के बजट की दरकार है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने इनकी कायाकल्प कराने की प्लानिंग तैयार कर करीब छह माह पहले ही प्रपोजल हेड ऑफिस भेज दिया था। इसके बावजूद अब तक बजट जारी नहीं हुआ है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि बजट राशि आते ही सड़कों के जीर्णोद्घार का काम शुरू करवा दिया जाएगा। इन सड़कों से प्रतिदिन डेढ़ लाख दुपहिया व चोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। सड़कों पर गहरे गड्ढ़े बने होने से आए दिन हादसें भी हो रहे हैं। इसके साथ-साथ वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
जिले में प्रस्तावित 50 करोड़ की सड़कें सरकार से बजट मिलने के इंतजार में हैं। इन सड़कों के निर्माण के वर्क प्रोग्राम को पांच माह बाद भी मंजूरी न मिलने व सड़कों की हालत बेहद खराब होने पर लोगों को बेहद परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस वर्क प्रोग्राम के तहत 20 सड़कों का निर्माण होना है लेकिन बजट की स्वीकृत्ति का पत्र नहीं आनेे से विभाग अधिकारी भी दुविधा में हैं। इस मानसून सत्र के बाद से तो सड़कों की हालत और खस्ता हो गई है। महज कुछ मीटर की दूरी में ही सैकड़ों गड्ढे बनने से सड़कों का स्वरूप बदल चुका है। इस समय नई सड़कों के निर्माण की बात तो दूर पुरानी सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पा रही है। मौजूदा मानसून सीजन की बारिश से तो सड़कों की स्थिति और भी खराब हो गई है। वाहन चालकों को आवागमन में विकट परेशानी झेलनी पड़ रही है। भारी वाहन चालकों को भी दिक्कत बनी हुई है।
अक्तूबर में काम शुरू कराने की थी प्लानिंग
पीडब्ल्यूडी विभाग ने गत मार्च माह में जिले की सड़कों के निर्माण के लिए करीब 50 करोड़ के प्रोजेक्ट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजे थे। इन सभी प्रोजेक्टों के एस्टिमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज रखे हैं। अब विभाग इन प्रोजेक्ट की मंजूरी के इंतजार में है ताकि मानसून सीजन खत्म होने पर अक्तूबर में सड़कों के निर्माण का काम शुरू किया जा सके। विभाग के पास सड़क निर्माण के लिए अक्तूबर से दिसंबर तक ही अनुकूल समय होता है क्योंकि जनवरी में तापमान गिर जाने पर सड़कों का निर्माण नहीं हो पाता। तारकोल ठीक से सेट नहीं हो पाता।
एमडीआर के दोहरीकरण का अटका पड़ा है काम
पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की 20 सड़कों के निर्माण की प्लान तैयार कर रखी है इसके लिए बजट की स्वीकृति मिलना बाकी है। इन 20 सड़कों में प्रमुख रोहतक-दादरी सड़क मार्ग भी शामिल है। इस सड़क के निर्माण पर करीब 10 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च होना है। इस सड़क के फोरलेन बनाए जाने की भी प्लानिंग है। यह सड़क मार्ग नारनौल-चंडीगढ़ सड़क मार्ग से जुड़ा है इस मार्ग से रोजाना करीब 10 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इस सड़क मार्ग की चौड़ाई बढ़ाया जाना भी जरूरी बना हुआ है।
अप्रोच सड़कों की फाइल स्टडी तक ही सीमित
वर्क प्रोग्राम में गांव मंदौली-कलियाण सड़क मार्ग, दूधवा-चिड़िया सड़क मार्ग, अचीना-बिगोवा सड़क मार्ग, सांवड़-झिंझर सड़क के अलावा अन्य प्रमुख मार्ग भी हैं, जिनका निर्माण होना है। पांच माह बीतने के बाद भी हेड ऑफिस की ओर से इन वर्क प्रोग्राम की मंजूरी नहीं मिल सकी है। यह प्रोजेक्ट फाइल स्टडी तक ही सिमटी हुई है।
वर्जन
विभाग ने करीब 50 करोड़ के प्रोजेक्ट की फाइल हेड ऑफिस भेज रखी है। जैसे ही बजट की राशि मंजूर हो जाएगी जिले की सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। विभाग प्रोजेक्ट मंजूरी के इंतजार में है। संभवत फाइल की स्टडी की जा रही है।
- सुरेंद्र दलाल, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विभाग