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नहीं लगाया रियायती कैटेगरी का चार्ज, इसलिए मनमानी करते हैं निजी बस संचालक

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
निजी बस संचालकों के द्वारा हर तरह से अपनी मनमानी की जा रही है। प्रदेश सरकार के द्वारा आदेश जारी किए गए हैं कि रोडवेज में जिन कैटेगिरी को यात्रा पर रियायत दी जाती हैं, उन्हीं कैटेगिरी की रियायत पर यात्रा करवाने का नियम परिवहन समितियों की बसेों में भी माना जाएगा। लेकिन परिवहन समितियों की बसों के संचालक पूरी तरह से मनमर्जी चला रहे हैं। जब लोगों की शिकायतें परिवहन विभाग के पास पहुंची थी तो विभाग ने इनकी मनमानी रोकने लिए एक रास्ता निकाला था। विभाग ने निर्देश जारी किए थे कि रियायती श्रेणी वाला चार्ट परिवहन समितियों को अपनी बसों की पीछे वाली खिड़की के पास चिपकाना होगा। ताकि बस संचालक इन श्रेणी वालों को छूट देने से आनाकानी न करें।
झज्जर बस स्टैंड पर अमर उजाला टीम ने रविवार को निजी बसों पर रियायती श्रेणी वाला चार्ट लगाया गया है या नहीं इसकी हकीकत जानी। टीम ने पाया कि केवल बहादुरगढ़ रूट की बसों पर इस तरह के चार्ट लगे हुए हैं, लेकिन बाकी रूटों की बसों पर इस तरह के चार्ट नहीं हैं। गुरुग्राम, ढांसा बॉर्डर, रेवाड़ी, दादरी व कोसली जाने वाली अधिकांश बसों पर इस तरह के चार्ट नहीं लगे होने के कारण कंडक्टर रियायती श्रेणी के लोगों के साथ भी अपनी मनमानी चलाते हैं।
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बोले बुजुर्ग
1. बिलोटा गांव निवासी अमर सिंह ने बताया कि वह गुरुग्राम से परिवहन समिति की बस में सवार हुआ था। बस स्टैंड पर ही कंडक्टर ने कहा कि सीनीयर सिटीजन का कार्ड नहीं चलेगा तो वह रोडवेज बस में सवार होकर झज्जर पहुंचा है। संबंधित विभाग को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
2. मोरवाला निवासी मेघराज ने बताया कि वह अपने गांव से सुबह झज्जर परिवहन समिति की बस में आया था। बस संचालक ने उससे पूरा किराया लिया। इसके चलते अब वह रोडवेज की बस में वापस जाएगा। निजी बसों पर कम किराये का बोर्ड भी नहीं लगा रखा।

छात्राएं भी उठा चुकी हैं मुद्दा
रियायती श्रेणी से आने वाले कॉलेज छात्राएं अपनी कॉलेज प्राचार्य से लेकर मंत्री तक मुद्दा उठा चुकी हैं कि उनसे किराया वसूला जाता है। जबकि उनके पास रोडवेज विभाग द्वारा जारी किए गए पास भी हैं। मंत्री ने भी कार्रवाई का आश्वासन दिया था तो इस दौरान एडीसी ने भी तेजी दिखाते हुए छात्राओं से पूछकर निजी बस को इंपाउंड करने के लिए नंबर नोट किया था। लेकिन मामले में अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते निजी बसों के संचालक अपनी मनमानी कर रहे हैं।
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वर्जन
मामले को लेकर आरटीए कार्यालय के असिस्टेंट जसबीर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे निरीक्षण करेंगे। जिन बसों पर इस प्रकार के चार्ट नहीं लगे हुए हैं। उन पर चार्ट लगवाए जाएंगे। वहीं, छात्राओं के साथ घटित हुए वाकये में भी सोमवार को कार्रवाई की जाएगी।
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